Bihar NDA seat sharing : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज है। चुनावी तैयारियों के बीच अब एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है। हालांकि बीजेपी की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि सीट बंटवारे का फार्मूला तय हो चुका है और बस औपचारिक ऐलान बाकी है, लेकिन सहयोगी दलों के तेवर कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
आज एनडीए की बैठक के बाद पत्रकार से बातचीत करते हुए जीतन मांझी ने कहा कि मुझे फिलहाल भाजपा के तरफ से 7 सीट दिया जा रहा है जबकि हमारी चाहत है कि हमें 10 सीट दिया जाए। लेकिन इसको लेकर उनके तरफ से कोई बयान नहीं दिया गया है अब आज दोपहर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से हमारी मुलाकात होनी है। वहां बाकी सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहेंगे तो मैं अपनी मांग सबके सामने रखूँगा।
मांझी ने कहा, “हमें अब तक बीजेपी की तरफ से सिर्फ सात सीटों का प्रस्ताव मिला है। लेकिन हम चाहते हैं कि हमारी पार्टी को दस सीटें दी जाएं, ताकि हमारे कार्यकर्ताओं और जनाधार का सही प्रतिनिधित्व हो सके।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मसले पर अभी तक बीजेपी की ओर से कोई औपचारिक जवाब नहीं मिला है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आज दोपहर उनकी मुलाकात बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से होने वाली है, जिसमें एनडीए के अन्य घटक दलों के नेता भी शामिल रहेंगे। इस बैठक में वे अपनी सीटों की मांग औपचारिक रूप से रखेंगे। मांझी ने कहा कि वे चाहते हैं कि एनडीए एकजुट होकर चुनाव में उतरे, लेकिन यह तभी संभव है जब सभी दलों को सम्मानजनक हिस्सेदारी दी जाए।
वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बयान जारी कर कहा है कि, “एनडीए के अंदर सीट बंटवारे का फार्मूला तय हो चुका है। अब बस सही समय देखकर इसका ऐलान किया जाएगा।” हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किस दल को कितनी सीटें दी गई हैं। जायसवाल के इस बयान और मांझी की नाराजगी के बाद यह साफ है कि अंदरूनी बातचीत अभी भी जारी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर इस बार की स्थिति 2020 की तुलना में ज्यादा जटिल है। उस समय जेडीयू, बीजेपी और हम पार्टी के बीच तालमेल आसान था, लेकिन अब जब राजनीतिक समीकरण बदले हैं, तब हर दल अपने जनाधार और प्रभाव के हिसाब से ज्यादा सीटें पाने की कोशिश कर रहा है।






