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BIHAR ELECTION : बुर्का पहनकर वोटिंग करने वाली महिलाओं के लिए चुनाव आयोग का आदेश आया सामने; अब इन डॉक्यूमेंट के सहारे भी कर सकते हैं वोटिंग

BIHAR ELECTION :चुनाव आयोग ने बिहार उपचुनावों में मतदाताओं की सुविधा के लिए EPIC के अलावा 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों से मतदान की अनुमति दी है।

Election Commission of India
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BIHAR ELECTION : चुनाव आयोग ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों में होने वाले उपचुनावों से पहले मतदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। अब मतदाता अगर किसी कारणवश अपना मतदाता पहचान पत्र (EPIC) नहीं दिखा पाते हैं, तो वे इसके स्थान पर 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों में से किसी एक का उपयोग कर मतदान कर सकेंगे।


चुनाव आयोग ने प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत यह अधिकार प्राप्त है कि वह मतदाताओं को पहचान के लिए EPIC जारी करे और मतदान केंद्रों पर फर्जी मतदान रोकने के लिए पहचान सुनिश्चित करे। आयोग ने कहा है कि बिहार में लगभग 100 प्रतिशत मतदाताओं को EPIC कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा, जिन नए मतदाताओं के नाम हाल ही में मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं, उन्हें भी अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के 15 दिनों के भीतर EPIC कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।


12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों की सूची

10 अक्टूबर 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार, यदि कोई मतदाता अपना EPIC साथ नहीं रखता है, तो वह निम्नलिखित 12 पहचान पत्रों में से किसी एक को प्रस्तुत कर मतदान कर सकता है:

आधार कार्ड

मनरेगा जॉब कार्ड

बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटो सहित पासबुक

स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड (श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी)

ड्राइविंग लाइसेंस

पैन कार्ड

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के तहत जारी स्मार्ट कार्ड

भारतीय पासपोर्ट

फोटो सहित पेंशन दस्तावेज

केंद्र/राज्य सरकार/पीएसयू/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र

सांसद, विधायक या विधान परिषद सदस्य (एमपी/एमएलए/एमएलसी) को जारी आधिकारिक पहचान पत्र

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड

आयोग ने स्पष्ट किया कि इन वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक के साथ मतदाता अपनी पहचान सत्यापित करा सकता है, लेकिन नाम का मतदाता सूची में होना अनिवार्य शर्त है।

मतदाता सूची में नाम होना जरूरी

चुनाव आयोग ने दोहराया कि मतदान करने के लिए मतदाता सूची में नाम होना सबसे पहली आवश्यकता है। यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो वह किसी भी पहचान पत्र के बावजूद मतदान नहीं कर सकता। इसलिए आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मतदान से पहले अपनी मतदाता सूची की जांच अवश्य करें।


‘पर्दानशीन’ महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था

आयोग ने ‘पर्दानशीन’ या बुर्का पहनने वाली महिलाओं की गरिमा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए भी विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे मामलों में मतदान केंद्रों पर महिला पोलिंग अधिकारियों और महिला सहायकों की मौजूदगी में उनकी पहचान सुनिश्चित की जाएगी ताकि उनकी निजता बनी रहे और वे सहजता से मतदान कर सकें।


बिहार होगी सख्त निगरानी

आयोग ने बताया कि बिहार की सभी विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनावों के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था और पहचान प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और निगरानी टीमों के जरिए किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।


आयोग का उद्देश्य – हर मतदाता को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना

चुनाव आयोग का कहना है कि इन नए निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता केवल इसलिए अपने मतदान अधिकार से वंचित न रह जाए क्योंकि उसके पास EPIC कार्ड नहीं है। वैकल्पिक पहचान पत्रों की अनुमति से मतदान प्रक्रिया और अधिक समावेशी और सुविधाजनक बनेगी। आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान के दिन किसी भी मान्य पहचान पत्र के साथ निर्धारित केंद्र पर जाकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग अवश्य करें।

इस फैसले से स्पष्ट है कि चुनाव आयोग हर नागरिक को मतदान का समान अवसर देने के लिए गंभीर है। पहचान से जुड़ी किसी भी दिक्कत को दूर करने के लिए अब 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों का प्रावधान किया गया है, जिससे मतदाता आसानी से अपनी पहचान साबित कर सके और लोकतंत्र की इस सबसे बड़ी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले सके।

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Tejpratap

रिपोर्टर / लेखक

Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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