Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल अब पूरी तरह से गर्म हो चुका है। राज्य में चुनावी तैयारियों को लेकर सियासी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर बिहार पहुंचे हैं। शाह का यह दौरा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और एनडीए के प्रचार अभियान को गति देने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
अमित शाह गुरुवार शाम पटना पहुंचे, जहां उन्होंने बीजेपी के प्रदेश पदाधिकारियों और कोर ग्रुप के नेताओं के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का फीडबैक लिया और पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के निर्देश दिए। शाह ने कहा कि “यह चुनाव बिहार के विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर राज्य के निर्माण की दिशा तय करेगा।” बैठक में प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, विधायक और जिला स्तर के प्रमुख नेता मौजूद रहे।
शाह का बिहार दौरा शुक्रवार से प्रचार अभियानों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे वे सारण (छपरा) जिले के तरैया पहुंचेंगे, जहां उनकी पहली जनसभा निर्धारित है। यह जनसभा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनकी पहली बड़ी चुनावी रैली होगी। इस कार्यक्रम में तरैया और अमनौर विधानसभा क्षेत्रों के हजारों कार्यकर्ता और समर्थक जुटने की उम्मीद है।
अमित शाह इस रैली में एनडीए गठबंधन की एकता और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच रखने के साथ-साथ बिहार में विकास के लिए भाजपा की प्रतिबद्धता दोहराएंगे। वह मंच से जनता से तरैया सीट से जनक सिंह और अमनौर सीट से कृष्ण कुमार मंटू के पक्ष में वोट मांगेंगे। इस दौरान एनडीए के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे, जिनमें जेडीयू और हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) के प्रतिनिधि शामिल हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शाह की यह रैली बिहार चुनाव में भाजपा के लिए टोन सेट करने का काम करेगी। बिहार की राजनीति में सारण, छपरा और वैशाली जैसे जिलों को भाजपा का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, ऐसे में शाह की जनसभा का संदेश दूर तक जाएगा।
तरैया से वापसी के बाद अमित शाह पटना के ज्ञान भवन में आयोजित बुद्धिजीवी सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में वह शिक्षाविदों, व्यापारियों, डॉक्टरों और युवा उद्यमियों से संवाद करेंगे। शाम को शाह पार्टी के चुनाव प्रबंधन समिति के साथ बैठक करेंगे, जिसमें बूथ प्रबंधन, सोशल मीडिया रणनीति और प्रचार अभियान पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
अमित शाह के इस दौरे का मकसद न केवल भाजपा संगठन को चुनावी मोड में लाना है, बल्कि एनडीए गठबंधन के भीतर समन्वय को भी और मजबूत करना है। बीजेपी और जेडीयू के बीच सीट बंटवारे के बाद अब दोनों दल पूरे समर्पण के साथ प्रचार अभियान में जुट गए हैं। शाह का यह दौरा जेडीयू और भाजपा दोनों के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
जानकारी के अनुसार, अमित शाह शनिवार यानी 18 अक्टूबर की शाम को पटना से दिल्ली लौटेंगे। इससे पहले वह कुछ और स्थानीय नेताओं से मुलाकात कर चुनावी समीकरणों पर चर्चा करेंगे। भाजपा नेताओं का कहना है कि शाह की यह यात्रा बिहार चुनाव में पार्टी की जीत की नींव रखेगी और उनके दौरे के बाद प्रदेश में भाजपा के प्रचार अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी।





