BIHAR ELECTION : बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद अब राजनीतिक पार्टियों की तैयारियां जोरों पर हैं। हर पार्टी अपने उम्मीदवारों की अंतिम सूची बनाने और चुनावी रणनीति तय करने में लगी हुई है। इस बार का चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों बड़े गठबंधनों—एनडीए और महागठबंधन—के बीच सीट बंटवारे को लेकर अभी तक कोई फाइनल निर्णय नहीं हुआ है। यही कारण है कि चुनावी माहौल में राजनीतिक हलचल और चर्चाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।
हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार, आज राजधानी पटना में एनडीए के घटक दलों की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीट बंटवारे और प्रत्याशियों के चयन पर सहमति बनाना है। लेकिन बैठक में सभी घटक दलों की भागीदारी फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। सूत्रों के अनुसार, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भाजपा की मौजूदगी पक्की मानी जा रही है, जबकि अन्य घटक दलों की उपस्थिति अनिश्चित है।
जानकारी के अनुसार, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हाम) के अध्यक्ष जितेंद्र राम मांझी इस समय सरकारी दौरे पर असम में हैं और बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के अध्यक्ष चिराग पासवान अपने पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान की बरसी के मौके पर खगड़िया दौरे पर मौजूद रहेंगे। इसके अलावा, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के नेता उपेंद्र कुशवाहा फिलहाल दिल्ली में हैं और उनकी बैठक में आने की कोई निश्चित जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
इस परिस्थितियों को देखते हुए फिलहाल यह साफ प्रतीत हो रहा है कि आज की बैठक में मुख्य रूप से जदयू और भाजपा ही सक्रिय रूप से भाग ले पाएंगे। एनडीए के अन्य घटक दलों की गैरमौजूदगी के कारण सीट बंटवारे को लेकर अंतिम निर्णय फिलहाल स्थगित हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि जब तक सभी घटक दल बैठक में शामिल नहीं होते, सीट बंटवारे पर ठोस सहमति बनाना मुश्किल होगा।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि एनडीए के अंदर सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद हैं। जदयू और भाजपा के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अन्य दलों की भागीदारी के बिना पूरी सहमति बनना चुनौतीपूर्ण होगा। वहीं, विपक्षी महागठबंधन भी सीट बंटवारे को लेकर अंतिम निर्णय पर पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
समाचार एजेंसियों के अनुसार, एनडीए के सभी घटक दलों की बैठक जल्द ही दोबारा बुलाई जा सकती है, जब जितेंद्र मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा जैसे प्रमुख नेता भी शामिल हो सकें। यह बैठक बिहार चुनाव की रणनीति और आगामी उम्मीदवारों की घोषणा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस समय बिहार की सियासी स्थिति काफी तनावपूर्ण और गतिशील है। सभी दल अपनी राजनीतिक ताकत और क्षेत्रीय दावों के हिसाब से रणनीति तय कर रहे हैं। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही गठबंधन इस चुनाव में पूर्ण बहुमत पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। ऐसे में आगामी दिनों में सीट बंटवारे और गठबंधन की राजनीति पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
कुल मिलाकर, पटना में बुलाई गई आज की बैठक से यह संकेत मिलता है कि एनडीए के अंदर सीट बंटवारे को लेकर फिलहाल अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। जदयू और भाजपा की मौजूदगी के बावजूद अन्य घटक दलों की गैरमौजूदगी इसे अस्थायी बना रही है। आने वाले दिनों में राजनीतिक हलचल और बैठकों की श्रृंखला बढ़ेगी, जिससे बिहार चुनाव के लिए रणनीति और उम्मीदवारों के चयन का मार्ग साफ होगा।






