BJP election campaign : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं चुनावी कमान संभाल ली है। भाजपा की रणनीति के तहत प्रधानमंत्री पूरी तरह से बिहार पर फोकस कर रहे हैं। इस कड़ी में पीएम मोदी 24 अक्टूबर को राज्य में दो बड़ी चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। उससे एक दिन पहले, यानी 23 अक्टूबर, गुरुवार शाम को वे ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ कार्यक्रम के तहत बिहार भाजपा कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद करेंगे।
प्रधानमंत्री ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा-एनडीए की जीत सुनिश्चित करने के लिए हमारे कार्यकर्ता अभूतपूर्व ऊर्जा और समर्पण के साथ मैदान में डटे हैं। जनसंपर्क और संगठन के हर स्तर पर उनकी सक्रियता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। आज शाम 6 बजे मैं उनसे संवाद को लेकर बेहद उत्साहित हूं।”
यह कार्यक्रम सीधे बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से जुड़ा है, जिन्हें भाजपा अपनी जीत की नींव मानती है। इससे पहले भी 15 अक्टूबर को पीएम मोदी ने इसी कार्यक्रम के तहत एनडीए कार्यकर्ताओं से संवाद किया था और उन्हें “जनसंपर्क अभियान में पूरी ताकत झोंकने” का आह्वान किया था। पार्टी का मानना है कि इस तरह का सीधा संवाद कार्यकर्ताओं के आत्मविश्वास को दोगुना करता है और बूथ स्तर पर संगठन की पकड़ मजबूत करता है।
प्रधानमंत्री का यह संवाद उनके 24 अक्टूबर से शुरू होने वाले बिहार दौरे की भूमिका भी निभाएगा। इस दिन पीएम मोदी समस्तीपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसे उन्होंने बिहार विजय अभियान की शुरुआत बताया है। इसके अलावा वे बेगूसराय में भी चुनावी रैली करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पीएम के इस दौरे से राज्य में एनडीए का चुनावी माहौल और तेज होगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी 24 अक्टूबर को बिहार दौरे पर रहेंगे। शाह ने हाल ही में कहा था कि “एनडीए इस बार बिहार में 20 सालों का बहुमत रिकॉर्ड तोड़ेगा और नई सरकार बनाएगा।” शाह की रैलियां पीएम मोदी के दौरे के साथ तालमेल बनाकर आयोजित की जा रही हैं ताकि दोनों नेताओं के संदेश को एकसमान रूप में प्रचारित किया जा सके।
इस बार बिहार में एनडीए ने पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा के साथ जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो के शीर्ष नेता लगातार चुनावी प्रचार में जुटे हैं। पार्टी ने “हर बूथ पर भाजपा, हर दिल में मोदी” के नारे के साथ अपने जमीनी अभियान की शुरुआत की है। रणनीतिकारों का मानना है कि पीएम का सीधा संवाद कार्यकर्ताओं को उत्साहित करता है और चुनावी मशीनरी को प्रभावी बनाता है।
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी अब तक 55 से अधिक बार बिहार का दौरा कर चुके हैं। केंद्र सरकार ने हाल के बजटों में राज्य के लिए हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं घोषित की हैं, जिनमें सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। ये योजनाएं न सिर्फ राज्य के विकास में सहायक हैं, बल्कि चुनावी दृष्टि से भी भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का काम करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम मोदी और अमित शाह का सक्रिय चुनावी नेतृत्व एनडीए को बूथ स्तर तक मजबूत कर रहा है। ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं में संगठनात्मक एकजुटता बढ़ रही है और चुनावी रणनीति को सफल बनाने में मदद मिल रही है। एनडीए का प्रयास है कि बूथ स्तर से लेकर जिला और राज्य स्तर तक पार्टी की पकड़ मजबूत रहे, जिससे मतदाता प्रभावित हों और चुनाव में निर्णायक बढ़त मिल सके।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बार बिहार का चुनाव न केवल राज्य की राजनीति के लिए बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की सक्रिय भागीदारी एनडीए की तैयारी और रणनीति की गंभीरता को दर्शाती है। पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर बूथ पर संगठन की उपस्थिति मजबूत हो और चुनावी अभियान में कोई कमी न रह जाए।
इस प्रकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिहार पर पूरा फोकस, कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद और उच्च स्तरीय चुनावी रणनीति एनडीए की जीत के लिए निर्णायक भूमिका निभाने की तैयारी कर रही है। 24 अक्टूबर से शुरू होने वाले उनके दौरे और रैलियों से राज्य में चुनावी माहौल गरम होने की पूरी संभावना है, जिससे एनडीए की चुनावी संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं।






