SAHARSA:एक और जहां बढ़ते क्राइम को लेकर सरकार की किरकिरी हो रही है। बीते दिनों पटना में गोपाल खेमका,सिवान में ट्रिपल मर्डर सहित अन्य जिलों में हो रही लगातार आपराधिक वारदातों के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ हे रहे हैं। वहीं विपक्ष बढ़ते क्राईम को लेकर सरकार को घेरने में लगी है। वहीं,सहरसा पुलिस की धक्का मार गाड़ी के कारण अब किरकिरी हो रही है।
क्राईम कंट्रोल के लिए थानों में गाड़ी की कमी नहीं है, कमी है तो गाड़ी के रख-रखाव और मेंटेनेंस की है। हम बात कर रहे है सहरसा के धक्का मार पुलिस की गाड़ी की,जिसे पुलिस कर्मी धक्का मारते दिखे। रेलवे पटरी के बीचों बीच धक्का मारकर गाड़ी को ढाला से बाहर निकाला गया। गनीमत थी कि उस वक्त कोई ट्रेन नहीं थी,नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। किसी तरह सहरसा सदर की पुलिस खराब गाड़ी को थाने तक ले गयी। ऐसे में सरकार के क्राईम कंट्रोल पर किए जाने वाले दावों का पुलिस वाले और उसकी खराब गाड़ी हवा निकालने का काम कर रही है। ऐसे में क्राईम कंट्रोल कैसे हो पायेगा?
बता दें कि पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों 19 जून 2025 को 520 फोर व्हीलर और 98 टू व्हीलर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर लोकार्पण किया था और यह कहा था कि इन पुलिस वाहनों से राज्य में पुलिंसिंग की कार्य क्षमता और दक्षता बढ़ेगी जिससे विधि व्यवस्था बनाये रखने में मदद मिलेगी। बिहार के थानों को नीतीश कुमार ने चार पहिया और दो पहिया वाहनों से लैस किया लेकिन रखरखाव के कारण इस तरह की तस्वीरें सामने आती है। जो तस्वीर सहरसा से सामने आई है। जो कई सवाल खड़ा कर रहा है।


