Khatushyamji Temple: श्याम भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी है। विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर के कपाट 6 जनवरी रात 9:30 बजे से 7 जनवरी सुबह 5 बजे तक बंद रहेंगे। श्री श्याम मंदिर कमेटी खाटूश्यामजी ने सूचना दी है कि अमावस्या के बाद बाबा श्याम की विशेष पूजा और तिलक श्रृंगार के कारण यह निर्णय लिया गया है।
विशेष तिलक श्रृंगार और पूजा
कमेटी अध्यक्ष पृथ्वी सिंह चौहान ने बताया कि अमावस्या के बाद बाबा श्याम का विशेष तिलक श्रृंगार किया जाएगा। इस पूजा और श्रृंगार में कुल 12 से 15 घंटे लगते हैं। इसके बाद भक्त 7 जनवरी को मंगला आरती के समय बाबा श्याम के दर्शन कर सकेंगे।
श्याम वर्ण में दर्शन देंगे बाबा श्याम
मुख्य पुजारी मोहनदास महाराज ने बताया कि बाबा श्याम पिछले 7 दिनों से अपने मूल स्वरूप शालिग्राम में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। महीने में 23 दिन बाबा श्याम वर्ण (पीले रंग) में रहते हैं।
बाबा श्याम की कथा
बाबा श्याम, जिन्हें "हारे के सहारे" कहा जाता है, को भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है। महाभारत के युद्ध के दौरान भीम के पौत्र बर्बरीक ने भगवान कृष्ण को अपना शीश दान दिया था। भगवान कृष्ण ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि कलयुग में वे श्याम नाम से पूजे जाएंगे और अपने भक्तों के दुखों का सहारा बनेंगे।
श्रद्धालुओं से अनुरोध
मंदिर कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं से निवेदन किया है कि वे 7 जनवरी को कपाट खुलने के बाद बाबा श्याम के दर्शन के लिए आएं।

