DESK: गुजरात ATS और केंद्रीय एजेंसियों ने कल संयुक्त कार्रवाई करते हुए ISIS से जुड़े 3 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। आतंकियों के पास से हथियार और केमिकल बरामद किया गया है। तीनों मिलकर देश में बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। लेकिन उससे पहले पकड़ लिये गये। गुजरात के बाद जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
जम्मू-कश्मीर और फरिदाबाद पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद और अंसर गजवात-उल-हिंद के नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में कुल 7 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो डॉक्टर भी शामिल हैं। इन आतंकवादियों के पास से 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। भारत के कई राज्यों और पाकिस्तान से जुड़े हैंडलरों से यह नेटवर्क संचालित हो रहा था।
जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद और अंसर गजवात-उल-हिंद से जुड़े एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंक मॉड्यूल का उद्भेदन किया है। गिरफ्तार 7 आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और करीब 2,900 KG आईईडी बनाने का सामान बरामद किया गया है।
गिरफ्तार आतंकवादियों की पहचान फरीदाबाद के डॉक्टर मुअज़मिल अहमद गनई (पुलवामा) , कुलगाम निवासी डॉक्टर आदिल, श्रीनगर निवासी आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, यासिर-उल-अशरफ, मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद, शोपियां निवासी मौलवी इरफान अहमद और गंदरबल निवासी जमीर अहमद अहांगर के रूप में हुई है।
बताया जाता है कि ये आतंकी लगातार विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे और सोशल और एजुकेशनल नेटवर्क के माध्यम से फंड इक्टठा कर रहे थे। पुलिस ने इस बात की जानकारी दी कि यह 'व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क' था, जिसमें कुछ प्रोफेशनल्स और छात्र आतंकियों से जुड़े हुए थे। यह नेटवर्क सिर्फ घाटी ही नहीं हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है।
इन सातों आतंकवादियों में एक को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। जिसका नाम डॉ. मुअज़मिल अहमद गनई है। उसके किराए के मकान से 360 KG अमोनियम नाइट्रेट, AK-56 रायफल, बरेटा पिस्टल, चीनी स्टार पिस्टल और सैकड़ों कारतूस बरामद किया गया हैं। फिलहाल फरिदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।



