Bihar Crime News: बिहार में साइब ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे है। साइबर ठग इतने शातिर हो गए हैं कि अब पुलिस के बड़े अधिकारियों को भी झांसा देने में परहेज नहीं कर रहे हैं। ताजा मामला गोपालगंज से सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने एसपी अवधेश दीक्षित को निशाना बनाया और मुख्यमंत्री का ओएसडी बनकर दारोगा की पोस्टिंग की सिफारिश कर डाली।
दरअसल, 12 अगस्त की शाम करीब 7 बजे एसपी के सरकारी व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने खुद को मुख्यमंत्री हाउस का ओएसडी, डॉक्टर गोपाल सिंह बताते हुए लिखा गया कि "ये मेरे करीबी हैं, इन्हें एसएचओ में पोस्टिंग दीजिए।" इतना ही नहीं, ठग ने एसपी को फोन कर दबाव बनाने की भी कोशिश की। एसपी अवधेश दीक्षित ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत साइबर थाना को जांच का आदेश दिया।
प्राथमिक जांच में ही यह साफ हो गया कि कॉल और मैसेज दोनों फर्जी थे, जिन्हें साइबर ठगों ने ठगी और धोखाधड़ी की नीयत से भेजा था। एसपी के आदेश पर साइबर थाना प्रभारी डीएसपी अवंतिका दिलीप कुमार की अगुवाई में तकनीकी जांच शुरू की गई। पुलिस ने फर्जी मैसेज भेजने वाले की पहचान कर ली और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर दी है।
पुलिस ने आरोपी पर आईपीसी की धारा 419, धारा 420 और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह भी हो सकता है, जो सरकारी पदाधिकारियों की आड़ लेकर ठगी और दबाव बनाने का काम करता है। फिलहाल साइबर थाना की टीम मामले की गहन जांच में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि ऐसे ठग कितने भी चालाक क्यों न हों, कानून के शिकंजे से नहीं बच पाएंगे। गोपालगंज में साइबर अपराधियों की इस नई करतूत ने फिर साबित कर दिया है कि ठगी के लिए अपराधी किस हद तक जा सकते हैं। लेकिन पुलिस की तत्परता ने एक बड़ी साजिश को बेनकाब कर दिया।
रिपोर्ट- नमो नारायण मिश्रा, गोपालगंज


