DANAPUR: दानापुर से आरजेडी विधायक रीतलाल यादव की पत्नी रिंकु कुमारी पर सरकारी सेवा में रहते हुए व्यवसाय करने का आरोप लगाते हुए STF ने कार्रवाई की सिफारिश की है। एसटीएफ की अनुशंसा पर अब रिंकु कुमारी पर कभी भी कार्रवाई हो सकती है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा कदम उठाते हुए दानापुर से आरजेडी विधायक रीतलाल यादव की पत्नी रिंकु कुमारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।
रिंकु कुमारी फिलहाल पटना जिले के कोथवा मुसहरी स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में नियोजित शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। STF (स्पेशल टास्क फोर्स) के ADG कुंदन कृष्णन द्वारा इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ को आधिकारिक पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि खगौल थाना कांड संख्या-249/2023 की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि रिंकु कुमारी, सरकारी सेवा में रहते हुए भी एक निजी व्यवसायिक फर्म "विजय कंस्ट्रक्शन" में साझेदार (पार्टनर) हैं।
ADG STF ने पत्र में लिखा है कि 11 नवंबर 2017 से रिंकु कुमारी विजय कंस्ट्रक्शन फर्म में पार्टनर के तौर पर कार्यरत हैं, जो कि बिहार सरकारी सेवक आचार संहिता के नियमों का सीधा उल्लंघन है। किसी भी सरकारी कर्मचारी को व्यवसाय करने की अनुमति नहीं होती जब तक कि उसे सक्षम पदाधिकारी से पूर्वानुमति प्राप्त न हो। ADG ने यह भी स्पष्ट किया कि, “रिंकु कुमारी द्वारा यह आचरण न केवल सेवा शर्तों के विपरीत है, बल्कि इसकी जांच कर कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता है।”
जानकारी के अनुसार, रिंकु कुमारी की नियुक्ति 1 जुलाई 2006 को शिक्षिका के रूप में हुई थी और वे अभी भी उसी विद्यालय में कार्यरत हैं। अब इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग पर है, और यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो सेवामुक्ति, निलंबन या वेतन कटौती जैसे कदम भी संभव हैं।
सरकारी सेवा में रहते व्यवसायिक कार्य किया जाना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली और आचरण संहिता के प्रावधानों के प्रतिकूल है। इसे देखते हुए रिंकु कुमारी के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की बात कही गयी है। बता दें कि पटना जिले के कोथवा मुसहरी में तैनात नियोजित शिक्षिका रिंकु कुमारी एक जुलाई 2006 से पदस्थापित हैं। एसटीएफ के एडीजी ने मामले की जांच कर रिंकु कुमारी के खिलाफ आवश्यक अनुशासनिक कार्रवाई किये जाने की बात कही है।


