BETTIAH: बिहार में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला बेतिया में सामने आया है। जहां वहशी दरिंदों ने पिस्टल के बल पर 8 महीने की गर्भवती महिला के साथ गैंगरेप किया और उसे लावारिस हालत में मरने के लिए छोड़ दिया। पीड़िता का पति यहां नहीं रहता है, वो कश्मीर में मजदूरी करता है। पीड़िता की गंभीर हालत को देखते हुए पुलिस ने जीएमसीएच में भर्ती कराया जहां उसका इलाज चल रहा है।
घटना बेतिया के लथर थाना क्षेत्र का है जहां महिला 8 महीने की गर्भवती है। उसे इलाज कराने के बहाने आरोपी ने एक महिला के घर पर ले गया और बंदूक की नोक पर बारी-बारी से तीन दरिंदों ने गैंगरेप किया। पीड़िता दर्द से चीखती और चिल्लाती रही लेकिन इन वहशी दरिंदों के कान तक जूं नहीं रेंगा। तीनों की मानवता उस वक्त मर गयी थी। एक बार भी तीनों ने नहीं सोचा कि महिला बच्ची की मां बनने वाली है। उसकी तबीयत तो पहले से ही खराब थी। जिसे डॉक्टर से दिखाने के नाम पर ये लोग घर से ले गये थे और इस तरह सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
पीड़िता को अचेतावस्था में छोड़कर दिनों दरिंदे नौ दो ग्यारह हो गये। तीनों ने उसे मरने के लिए छोड़ दिया। यह सोचा कि दर्द से वो मर जाएगी और उससे साथ-साथ उसका बच्चा भी खत्म हो जाएगा। लेकिन तीनों की मंशा पूरी नहीं हुई। किसी तरह पीड़िता के समक्ष भगवान बनकर पुलिस की टीम पहुंच गयी। घटना 15 जून की दोपहर की है। पुलिस ने 16 जून को एफआईआर दर्ज कर गर्भवती को जीएमसीएच में भर्ती कराया है। उन्होंने पीड़िता की शिकायत पर तीनों आरोपियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की है। इनमें दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बलथर की अपर थानाध्यक्ष अर्चना सिन्हा ने बताया कि 26 वर्षीया के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। घटना में शेख टोला गांव के नसीर मियां (40) व नसरूल्लाह मियां (35) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। तीसरा आरोपी मुरली गांव निवासी गुड्डू मीर (25) फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।



