Bihar Crime News: बिहार में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण कैमूर जिले में देखने को मिला, जहां ड्यूटी पर जा रही एक महिला पुलिसकर्मी को बुलेट सवार दो अपराधियों ने गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल महिला पुलिसकर्मी की पहचान सरिता कुमारी के रूप में हुई है।
घटना कुदरा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, सरिता कुमारी मधेपुरा में अपनी ड्यूटी पर जा रही थीं। वह अपने पति के साथ बाइक पर सवार होकर कुदरा रेलवे स्टेशन जा रही थीं, जहां से उन्हें ट्रेन पकड़नी थी। जैसे ही वे स्टेशन के करीब पहुंचीं, पीछे से आए बुलेट सवार दो अपराधियों ने उन पर गोली चला दी और मौके से फरार हो गए।
गोली सरिता कुमारी की पीठ में लगी है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद उन्हें तत्काल कुदरा सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद भभुआ सदर अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टर शाहिल राज के अनुसार, एक्स-रे में साफ हुआ है कि गोली उनकी पीठ में फंसी हुई है और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। इसलिए उन्हें बेहतर इलाज के लिए बनारस के एक हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया है।
बता दें कि सरिता कुमारी किराए के मकान में रह रही थीं और मूल रूप से करमचट थाना क्षेत्र के भीतरी बांध गांव की निवासी हैं। उनके परिवार वालों का कहना है कि वह अपनी ड्यूटी के लिए नियमित रूप से मधेपुरा जाया करती थीं। इस बार भी वह उसी क्रम में जा रही थीं, जब यह दर्दनाक हमला हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई है। रेलवे स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमले के पीछे की वजह क्या थी। यह किसी निजी रंजिश का मामला है, ड्यूटी से जुड़ा विवाद है या फिर अपराधियों द्वारा अंधाधुंध हिंसा का शिकार बनीं। कैमूर एसपी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि अपराधियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। स्थानीय थानों को अलर्ट कर दिया गया है और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है।
इस घटना ने एक बार फिर बिहार की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जब ड्यूटी पर जा रही एक महिला पुलिसकर्मी भी राज्य में सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा की कल्पना करना कठिन हो जाता है। यह घटना न केवल एक पुलिस अधिकारी पर हमला है, बल्कि पूरे राज्य के सुशासन के दावों पर एक गहरा प्रहार है।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की निंदा की है और सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब तक मुख्यमंत्री कार्यालय या गृह विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि इस गंभीर मामले पर सरकार जल्द कोई ठोस कार्रवाई करेगी और पीड़िता को उचित न्याय दिलाने का प्रयास किया जाए।



