Bihar Crime News: बिहार के बगहा में शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। साइबर थाना में दर्ज मामले की जांच के दौरान सामने आया कि ठगों ने सुनियोजित तरीके से करीब 8 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है।
पीड़ित के आवेदन के आधार पर साइबर थाना कांड संख्या 24/25 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, यह स्पष्ट होता गया कि यह कोई सामान्य ऑनलाइन ठगी नहीं, बल्कि एक संगठित साइबर अपराध है, जिसमें तकनीकी तरीकों और बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाया गया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की गई रकम को एक ही खाते में रखने के बजाय लेयरिंग सिस्टम के तहत कई खातों में घुमाया गया। पहले चरण में निवेशकों से सीधे पैसे मंगवाए गए और बाद में रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया गया, ताकि पैसों की असली ट्रेल टूट जाए और जांच को भटकाया जा सके।
जांच के दौरान W.S Innuvatax Pvt Ltd नामक एक कंपनी सामने आई, जो कागजों पर वैध दिखाई देती थी, लेकिन वास्तव में उसका कोई वास्तविक व्यवसाय नहीं था। पुलिस के अनुसार, इसी कंपनी के नाम पर बैंक खाते खोलकर ठगी की रकम का लेन-देन किया गया। यह कंपनी सिर्फ साइबर ठगी को अंजाम देने के उद्देश्य से बनाई गई थी।
इस मामले में पुलिस ने वसीम अकबर उर्फ सैद समरुद्दीन, निवासी नवाब बहादुर रोड, थाना खगौल, जिला पटना को 3 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।
इसके बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से शिवम चौहान, निवासी न्यू गंगा बिहार, सेक्टर-05, थाना खोड़ा को 8 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया। ट्रांजिट रिमांड पर लाने के बाद 11 दिसंबर 2025 को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह केवल दो आरोपियों तक सीमित नहीं है। इस ठगी में कई डमी खाताधारक, हैंडलर और अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल बैंक खातों की जांच और डिजिटल लेन-देन की गहन पड़ताल की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।




