Saharsa GTSE Seminar: सहरसा के ऑडिटोरियम कम आर्ट गैलरी में आज 15 जनवरी को गोल इंस्टिट्यूट द्वारा आयोजित गोल टैलेंट सर्च एग्जाम (जीटीएसई) सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्री-एग्जाम में सफल एवं मेन परीक्षा में शामिल हुए सैकड़ों प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने अपने अभिभावकों एवं शिक्षकों के साथ सहभागिता की। सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।
सेमिनार को गोल संस्थान के असिस्टेन्ट डायरेक्टर रंजय सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जीटीएसई की शुरुआत सामाजिक दायित्व के तहत की गई थी, ताकि छोटे शहरों और कस्बों के छात्र भी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूक हो सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सही रणनीति के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
गोल के ऐकडेमिक हेड गौरव सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि संस्थान के 28 वर्षों के शैक्षणिक सफर में 18,000 से अधिक विद्यार्थी सफल होकर देश-विदेश में डॉक्टर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सहरसा एवं आसपास के क्षेत्रों में गोल के अनेक पूर्व छात्र आज समाज की सेवा कर रहे हैं।
गोल कंकड़बाग सेंटर के प्रमुख संजीव कुमार ने जानकारी दी कि जीटीएसई के माध्यम से छात्रों को रैंक के आधार पर 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। साथ ही कक्षा 9वीं एवं 10वीं के छात्रों के लिए न्यूनतम पंजीकरण शुल्क पर निःशुल्क ऑनलाइन कोर्स की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। दीबा फातमा, मोहम्मद हमजा, आराध्या कुमारी और सौम्या रानी को बैग प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं अन्य सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
सेमिनार का समापन सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प के साथ हुआ, जिसने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा को और सशक्त बनाया।





