CBSE 2025-26 Assessment: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सत्र 2025-26 के लिए छात्रों की सीखने की क्षमता और दक्षता का विश्लेषण करने हेतु एक संरचित मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों की वास्तविक सीखने की स्थिति को समझा जा सके और इस आधार पर शिक्षा नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
दरअसल, जिले के लगभग 35 से अधिक सीबीएसई स्कूलों में यह मूल्यांकन प्रक्रिया लागू होगी। बोर्ड के निर्देशानुसार, छठी और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों का मूल्यांकन 10 नवंबर से 24 दिसंबर के बीच किया जाएगा। मूल्यांकन में भाषा, गणित, विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन जैसे प्रमुख विषय शामिल होंगे।
इस प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया जाएगा, जिससे स्कूल सीधे अपनी रिपोर्ट देख सकेंगे और सुधार के बिंदुओं की पहचान कर सकेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह मूल्यांकन किसी प्रतियोगिता या परीक्षा की तरह नहीं है, बल्कि यह योग्यता-आधारित आकलन प्रणाली है, जो नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार की गई है। इसके माध्यम से छात्रों के विषयगत ज्ञान और क्षमताओं का तुलनात्मक विश्लेषण किया जाएगा, ताकि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।
सीबीएसई ने शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया है, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक रूप से पूरी हो। कक्षा 9 के छात्रों का भाषा मूल्यांकन 10-11 नवंबर, गणित 13-14 नवंबर, विज्ञान 17-18 नवंबर और “क्लब डे” 19-21 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। वहीं, कक्षा 6 के लिए मूल्यांकन 24 नवंबर से 6 दिसंबर तक चलेगा।
जिले के सीबीएसई कोऑर्डिनेटर ने बताया कि चुनाव कार्य और मतगणना के बाद यह मूल्यांकन शुरू होगा। स्कूलों में डिजिटल मूल्यांकन के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं, और शिक्षकों को सभी तकनीकी और शैक्षिक उपकरणों का प्रशिक्षण दिया गया है। सीबीएसई अधिकारियों का कहना है कि यह पहल छात्रों की सीखने की वास्तविक क्षमता को समझने में मदद करेगी और स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।





