Success Story: ओडिशा प्रशासन में एक ऐतिहासिक पल आया है, जब 1991 बैच की आईएएस अधिकारी अनु गर्ग को 24 दिसंबर 2025 को राज्य का नया मुख्य सचिव (Chief Secretary) नियुक्त किया गया। वे ओडिशा की पहली महिला मुख्य सचिव हैं और इस पद पर नियुक्त होने वाली कुल 47वीं अधिकारी हैं। अनु गर्ग 1 जनवरी 2026 से पदभार संभालेंगी और निवर्तमान मुख्य सचिव मनोज आहूजा का स्थान लेंगी, जो 31 दिसंबर 2025 को रिटायर हो रहे हैं। यह नियुक्ति ओडिशा में लिंग समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है।
अनु गर्ग का जन्म 1 मार्च 1969 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा में उच्च स्तर और विविधता हासिल की है। उन्होंने लेडी श्री राम कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से साइकोलॉजी में बीए, लखनऊ विश्वविद्यालय से सोशियोलॉजी में एमए और जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ, अमेरिका से MPH की डिग्री प्राप्त की, जहां उन्हें जॉन सी ह्यूम अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, उन्होंने LBSNAA से 1991-1993 में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन का प्रशिक्षण लिया। वे हिंदी, इंग्लिश और ओडिया भाषाओं में धाराप्रवाह हैं।
अनु गर्ग का करियर 1993 में झारसुगुड़ा में सब-कलेक्टर के पद से शुरू हुआ और वे बारगढ़, संबलपुर समेत कई जिलों में कलेक्टर और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट रहीं। राज्य स्तर पर उन्होंने जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास, श्रम एवं ESI, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जैसी प्रमुख भूमिका निभाई। वे ‘मिशन शक्ति’ की फाउंडर डायरेक्टर रही हैं, जो महिलाओं के सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स को सशक्त बनाता है। केंद्र स्तर पर उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), टेक्सटाइल मिनिस्ट्री और स्वास्थ्य मिनिस्ट्री में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अनु गर्ग ने न्यूट्रिशन, चाइल्ड प्रोटेक्शन, इंडस्ट्रियल वेलफेयर, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ओडिशा के जल संसाधन और प्लानिंग में बड़े सुधार किए। 2023 में वे राज्य की पहली महिला विकास आयुक्त बनीं और अब मुख्य सचिव बनकर ओडिशा में महिला नेतृत्व का नया उदाहरण स्थापित किया।
उनकी सफलता की कहानी शिक्षा, समर्पण और पुरुष-प्रधान सिस्टम में चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देती है। UPSC परीक्षा में सफलता पाने के बाद अनु गर्ग ने जिलों से शुरुआत कर केंद्र तक का सफर तय किया और जॉन्स हॉपकिन्स में MPH और अवॉर्ड से ग्लोबल विजन हासिल किया। उनके योगदान से लाखों महिलाओं को सशक्त बनाया गया और राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार हुआ। अनु गर्ग का पेशेवर दृष्टिकोण और सामाजिक प्रतिबद्धता उन्हें एक प्रेरणादायक महिला नेता बनाती है।
यह नियुक्ति न केवल ओडिशा की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि पूरे देश में महिलाओं के नेतृत्व और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत संदेश देती है। अनु गर्ग की कहानी यह दिखाती है कि शिक्षा, मेहनत और समर्पण से कोई भी बाधा पार की जा सकती है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।





