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NCERT AI Textbooks: अब NCERT तैयार करेगा स्कूली बच्चों के लिए AI किताबें, जानिए सिलेबस में क्या-क्या होगा शामिल?

NCERT AI Textbooks: भारत सरकार शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब स्कूली छात्र केवल कंप्यूटर ही नहीं, बल्कि 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) की बारीकियों को भी विस्तार से समझेंगे।

NCERT AI Textbooks
नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
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NCERT AI Textbooks: भारत सरकार शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब स्कूली छात्र केवल कंप्यूटर ही नहीं, बल्कि 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) की बारीकियों को भी विस्तार से समझेंगे। शिक्षा मंत्रालय ने लोकसभा में जानकारी दी है कि नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 11 और 12 के लिए AI के सिलेबस और किताबें तैयार करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF-SE) 2023 के निर्देशों के तहत उठाया गया है। सरकार का उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीक और डिजिटल दुनिया के लिए पूरी तरह तैयार करना है।


कक्षा 6 से ही शुरू होगी AI की पढ़ाई

मंत्रालय ने बताया कि AI की पढ़ाई केवल उच्च माध्यमिक कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी। कक्षा 6 की वोकेशनल एजुकेशन की किताबों में एनिमेशन और गेम्स से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल किए गए हैं। इन प्रोजेक्ट्स में छात्रों को AI टूल्स का प्रयोग करना सिखाया जाएगा, जिससे वे व्यावहारिक अनुभव भी हासिल कर सकें।


2026-27 से नया सिलेबस लागू

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि कक्षा 3 से ही AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग को सिलेबस का हिस्सा बनाया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से यह बदलाव देश के सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। CBSE ने भी कक्षा 3 से 12 तक का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसके तहत कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग को अनिवार्य विषय बनाया जा सकता है।


SOAR पहल: AI शिक्षा के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम

डिजिटल सशक्तिकरण और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्यों को साकार करने के लिए सरकार ने SOAR (Skilling for AI Readiness) नाम से राष्ट्रीय पहल शुरू की है। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों और शिक्षकों के लिए है। SOAR का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के हर कोने में, चाहे वह शहर हो या गांव, बच्चों को AI की समान शिक्षा मिले।


SOAR सिलेबस को चार मुख्य हिस्सों में बांटा गया है और यह नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) पर आधारित है। छात्रों के लिए इसमें तीन मुख्य चरण  होंगे- 


AI to be Aware – AI के प्रति जागरूकता

AI to Acquire – AI का ज्ञान प्राप्त करना

AI to Aspire – AI के क्षेत्र में आगे बढ़ना


ये तीनों मॉड्यूल 15-15 घंटे के होंगे, यानी कुल 45 घंटे में छात्र AI की बुनियादी और उन्नत समझ हासिल कर सकेंगे।

सरकार की इस पहल से न केवल छात्र आधुनिक तकनीक में दक्ष होंगे, बल्कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, शिक्षकों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे, ताकि वे छात्रों को AI सिखाने में सक्षम बन सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को वैश्विक डिजिटल प्रतिस्पर्धा में अग्रणी स्थान दिलाने में मदद करेगा। 

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रिपोर्टर / लेखक

PRIYA DWIVEDI

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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