1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 26, 2026, 1:06:51 PM
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New Labour Code 2026: 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए लेबर नियमों ने नौकरीपेशा लोगों की दुनिया में बड़ा बदलाव ला दिया है। लंबे समय से कर्मचारी जिस चीज़ की उम्मीद कर रहे थे, अब वह हकीकत बन चुकी है, ओवरटाइम का पूरा हिसाब और उस पर दोगुना भुगतान। नए ‘कोड ऑन वेजेज’ के लागू होते ही ऑफिस में काम करने के तरीके से लेकर सैलरी के स्ट्रक्चर तक सब कुछ बदल गया है।
अब अगर कोई कर्मचारी तय समय से ज्यादा काम करता है, तो उसे हर अतिरिक्त घंटे के लिए डबल पैसा मिलेगा। मतलब साफ है, एक घंटे का ओवरटाइम, दो घंटे की सैलरी के बराबर। खास बात यह भी है कि अब छोटे-छोटे समय को भी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। यदि आपने शिफ्ट खत्म होने के बाद 15 या 20 मिनट भी अतिरिक्त काम किया, तो उसे आधे घंटे का ओवरटाइम माना जाएगा। इससे उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिनसे अक्सर बिना गिने अतिरिक्त काम लिया जाता था।
हालांकि, इस नए नियम के साथ काम के घंटों को लेकर भी स्पष्ट सीमा तय कर दी गई है। अब एक हफ्ते में अधिकतम 48 घंटे ही काम लिया जा सकता है। कंपनियां चाहें तो एक दिन में काम का समय ब्रेक के साथ 12 घंटे तक बढ़ा सकती हैं, लेकिन साप्ताहिक सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा। यानी अब बिना हिसाब के लंबे समय तक काम करवाना आसान नहीं होगा।
लेकिन इस बदलाव का दूसरा पहलू भी है, जो सीधे आपकी जेब पर असर डाल सकता है। नए नियम के मुताबिक, अब किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी उसकी कुल CTC का कम से कम 50 प्रतिशत होना जरूरी है। इसका मतलब यह है कि कंपनियां अब भत्तों को ज्यादा बढ़ाकर सैलरी दिखाने का खेल नहीं कर पाएंगी।
इस बदलाव से जहां एक ओर आपके पीएफ और ग्रेच्युटी में इजाफा होगा, वहीं दूसरी ओर हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी थोड़ी कम हो सकती है। क्योंकि पीएफ की कटौती अब ज्यादा बेसिक सैलरी पर होगी। यानी भविष्य के लिए बचत तो बढ़ेगी, लेकिन वर्तमान खर्च के लिए मिलने वाली रकम थोड़ी घट सकती है।
इस नए नियम का सबसे ज्यादा फायदा फैक्ट्री, मैन्युफैक्चरिंग और ब्लू-कॉलर सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाला है। इन क्षेत्रों में अक्सर ओवरटाइम तो लिया जाता था, लेकिन उसका सही भुगतान नहीं होता था। अब कंपनियों को हर मिनट का हिसाब रखना होगा और उसी हिसाब से भुगतान करना होगा।
सरकार ने कंपनियों पर भी सख्ती बढ़ा दी है। अब हर कर्मचारी के काम के घंटों का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है या उसे निकाला जाता है, तो उसका पूरा बकाया, जिसमें ओवरटाइम भी शामिल है, तुरंत चुकाना होगा।