ब्रेकिंग
बड़ा हादसा टला: रामनवमी जुलूस के दौरान तेज आंधी तूफान से बीच सड़क पर गिर गया एलईडी गेट, डाकबंगला में मची अफरातफरी बिहार में शराबबंदी कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां, समस्तीपुर मेले में काउंटर लगाकर खुलेआम बिक रही शराब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत लगाएंगे जनता दरबार, कहा..समस्याओं का होगा तुरंत समाधानरामनवमी पर डाकबंगला में भव्य कार्यक्रम: मनोज तिवारी के गानों पर झूमने लगे लोग, जय श्रीराम के नारे से गूंज उठा श्रीराम चौक रामनवमी जुलूस के दौरान अचानक होने लगी निशांत की सादगी की चर्चा, मंच पर खड़े सरदार जी को खुद कुर्सी पर बिठाने लगे सीएम के बेटे बड़ा हादसा टला: रामनवमी जुलूस के दौरान तेज आंधी तूफान से बीच सड़क पर गिर गया एलईडी गेट, डाकबंगला में मची अफरातफरी बिहार में शराबबंदी कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां, समस्तीपुर मेले में काउंटर लगाकर खुलेआम बिक रही शराब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत लगाएंगे जनता दरबार, कहा..समस्याओं का होगा तुरंत समाधानरामनवमी पर डाकबंगला में भव्य कार्यक्रम: मनोज तिवारी के गानों पर झूमने लगे लोग, जय श्रीराम के नारे से गूंज उठा श्रीराम चौक रामनवमी जुलूस के दौरान अचानक होने लगी निशांत की सादगी की चर्चा, मंच पर खड़े सरदार जी को खुद कुर्सी पर बिठाने लगे सीएम के बेटे

जब बैंक स्टाफ की छोटी सी गलती से दूसरे के खाते में ट्रांसफर हो गए दो हजार करोड़, जानिए.. फिर क्या हुआ?

DESK: साल 2012 में जर्मनी के एक बैंक में एक अजीब घटना घटी। एक क्लर्क ने काम करते-करते थकान के कारण गलती से 222,222,222.22 यूरो (लगभग 2000 करोड़ रुपये) का ट्रांसफर ऑर्डर दे दिया। हा

जब बैंक स्टाफ की छोटी सी गलती से दूसरे के खाते में ट्रांसफर हो गए दो हजार करोड़, जानिए.. फिर क्या हुआ?
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

DESK: साल 2012 में जर्मनी के एक बैंक में एक अजीब घटना घटी। एक क्लर्क ने काम करते-करते थकान के कारण गलती से 222,222,222.22 यूरो (लगभग 2000 करोड़ रुपये) का ट्रांसफर ऑर्डर दे दिया। हालांकि, इस गलती को समय रहते पकड़ लिया गया और धनराशि ट्रांसफर नहीं हो पाई।


सुपरवाइजर को मिली सजा

इस घटना के बाद बैंक ने इस ट्रांजैक्शन को मंजूरी देने वाले सुपरवाइजर को नौकरी से निकाल दिया। बैंक का कहना था कि सुपरवाइजर ने डॉक्यूमेंट्स को ठीक से चेक नहीं किया था। लेकिन सुपरवाइजर ने इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी। सुपरवाइजर का कहना था कि वह प्रतिदिन सैकड़ों ट्रांजैक्शंस को मंजूरी देते हैं और इतने काम के बोझ में छोटी-मोटी गलती हो सकती है।


कोर्ट ने सुनाया फैसला

कोर्ट ने सुपरवाइजर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि बैंक का फैसला न्यायसंगत नहीं था। कोर्ट ने कहा कि सुपरवाइजर ने जानबूझकर कोई गलती नहीं की थी और न ही उसने घोर लापरवाही बरती थी। कोर्ट ने बैंक को सुपरवाइजर को फिर से नौकरी पर वापस लेने का आदेश दिया है।


अब इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों का मानना है कि बैंक को सुपरवाइजर को नौकरी से निकालने की बजाय उन्हें चेतावनी देनी चाहिए थी। कुछ लोगों का कहना है कि सुपरवाइजर को अपनी गलती की जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी।

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें