1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 04, 2026, 4:47:46 PM
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Bihar State Highway Toll News: बिहार में राज्य उच्च पथ (State Highway) और पुलों पर टोल वसूली को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। पथ निर्माण विभाग ने नई टोल नीति तैयार की है, जिसमें स्थानीय लोगों को बड़ी राहत देने के साथ-साथ पूरे राज्य में सफर करने वालों के लिए भी खास सुविधा का प्रावधान किया गया है। नई नीति के तहत 250 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक के पास की व्यवस्था होगी, जबकि कुछ शर्तों के साथ मोटरसाइकिल चालकों से भी टोल वसूला जाएगा।
स्थानीय लोगों को सिर्फ 250 में मिलेगा मासिक पास
नई टोल नीति के अनुसार, जिस टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में किसी वाहन मालिक का पंजीकृत पता होगा, वह केवल 250 रुपये देकर एक महीने तक उस टोल प्लाजा से अनलिमिटेड बार आ-जा सकेगा। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों पर टोल का अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करना है।
2500 का पास बनवाकर पूरे बिहार में करें अनलिमिटेड यात्रा
अगर किसी व्यक्ति को अक्सर बिहार के अलग-अलग जिलों में यात्रा करनी पड़ती है, तो उसके लिए भी बड़ी राहत दी गई है। नई नीति के तहत 2500 रुपये का मासिक पास बनवाकर वह राज्य के सभी टोल प्लाजा से पूरे महीने बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के असीमित बार गुजर सकेगा।
बाइक चालकों के लिए भी बने नए नियम
नई टोल नीति में मोटरसाइकिल चालकों को लेकर भी विशेष प्रावधान किया गया है। यदि किसी स्टेट हाईवे का कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है, तो बाइक सवारों से टोल नहीं लिया जाएगा।
हालांकि, अगर उसी सड़क का दूसरा वैकल्पिक रास्ता मौजूद है, तो मोटरसाइकिल चालकों को भी टोल देना होगा। ऐसे मामलों में उनसे कार पर लगने वाले टोल शुल्क का आधा शुल्क लिया जाएगा।
कृषि कार्य वाले ट्रैक्टरों को मिलेगी पूरी छूट
राज्य सरकार ने किसानों को राहत देते हुए केवल कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टरों को टोल टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा है। यानी खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टरों से किसी भी स्टेट हाईवे टोल प्लाजा पर शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इन लोगों को नहीं देना होगा टोल टैक्स
नई टोल नीति में कई संवैधानिक पदों और जनप्रतिनिधियों को टोल शुल्क से छूट देने का प्रावधान रखा गया है। इसमें विभिन्न वीआईपी श्रेणियों के साथ विधायक (MLA), विधान परिषद सदस्य (MLC) और पहली बार महाधिवक्ता (Advocate General) को भी शामिल किया गया है। महाधिवक्ता के सरकारी वाहन से राज्य के किसी भी स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा।
क्यों खास है नई टोल नीति?
पथ निर्माण विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य टोल प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है। स्थानीय यात्रियों को राहत देने, नियमित सफर करने वालों के खर्च को कम करने और राज्य की सड़कों के बेहतर रखरखाव के लिए यह नीति तैयार की गई है। आने वाले समय में इस नई टोल व्यवस्था के लागू होने के बाद लाखों वाहन चालकों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।