Tej Pratap Yadav: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल तेज प्रताप यादव एक बार फिर से सुर्खियों में हैं, इस बार गलत कारणों से। पार्टी से निष्कासन और महुआ विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब बिजली विभाग ने उनके निजी आवास पर नजरें जमा ली है। बेऊर इलाके के तेज प्रताप नगर में स्थित उनके मकान का बिजली बिल पिछले तीन वर्षों से बकाया पड़ा है और रकम कुल 3.56 लाख रुपये बताई जा रही। जिसके बाद अब विभाग ने साफ कर दिया है कि यह राशि हम वसूल कर ही रहेंगे।
बिजली विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक तेज प्रताप के आवास का आखिरी भुगतान 20 जुलाई 2022 को 1.04 लाख रुपये का किया गया था। उसके बाद से कोई किस्त जमा नहीं हुई, जबकि कनेक्शन आज तक कटा नहीं है। नवंबर 2025 तक बकाया राशि में मूल बिल 2.30 लाख, विलंब शुल्क 23,681 रुपये और अन्य प्रभार 71,142 रुपये शामिल हैं। कुल मिलाकर यह 3.24 लाख रुपये से ऊपर तक पहुंच गया है।
तेज प्रताप को सरकारी आवास मिला हुआ था, फिर भी वे अपने निजी मकान का उपयोग करते रहते हैं। बेऊर जेल के निकट स्थित यह आवास उनकी पुरानी यादों से जुड़ा हुआ माना जाता है। विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान भी यह कनेक्शन पुराने मीटर पर ही चला रहा, इसकी वजह से यह मामला अब सवालों के घेरे में है। एक लोकप्रिय नेता होने के बावजूद इस तरह की लापरवाही से उनकी छवि पर असर पड़ रहा है।
विभाग ने रिकवरी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है और नोटिस भी भेज दिया गया है। इसके बाद कनेक्शन काटने को लेकर भी कदम उठाया जाएगा। विभाग के लोगों का कहना है कि तेज प्रताप से यह रिकवरी हर हाल में की जाएगी। इस मामले पर तेज प्रताप या उनके प्रतिनिधियों की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।






