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बिहार की इस फोरलेन परियोजना का रास्ता साफ, जल्द शुरू होगा निर्माण; नेपाल जाने में मिलेगी सुविधा

Bihar News: बिहार के सीतामढ़ी जिले में मुजफ्फरपुर-सोनबरसा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-22) के चौड़ीकरण का रास्ता अब साफ हो गया है। वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद परियोजना निर्माण कार्य इस सितंबर से शुरू होने की संभावना है।

बिहार की इस फोरलेन परियोजना का रास्ता साफ, जल्द शुरू होगा निर्माण; नेपाल जाने में मिलेगी सुविधा
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Bihar News: बिहार के सीतामढ़ी जिले में स्थित सोनबरसा तक मुजफ्फरपुर-सोनबरसा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-22) के चौड़ीकरण की राह अब पूरी तरह से साफ हो गई है। इस परियोजना के लिए आवश्यक वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिल चुका है, जिससे निर्माण कार्य इस सितंबर से शुरू होने की संभावना है। यह परियोजना सरकार की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना (एनएचडीपी) के तहत सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।


भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस परियोजना को एचएएम (हाइब्रिड एन्यूटी मोड) के माध्यम से कराने की पहले ही मंजूरी दे दी थी। अब मुख्यालय स्तर से निविदा प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। एनएचएआई के मुजफ्फरपुर परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग से एनओसी मिलने का इंतजार किया जा रहा था, जो फरवरी के अंतिम सप्ताह में मिल गया।


इस परियोजना का लक्ष्य 82.551 किलोमीटर लंबे सड़क खंड को वर्तमान दो लेन से चार लेन में बदलना है। चौड़ीकरण में सड़क की कुल चौड़ाई 22 मीटर होगी, जिसमें दोनों तरफ दो मीटर का डिवाइडर शामिल है। इससे सड़क पर आने-जाने वाले वाहन अब अधिक सुरक्षित और तेज गति से यात्रा कर सकेंगे। इस परियोजना के लिए कुल लागत 2831.42 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। परियोजना को कार्यादेश मिलने के 910 दिन यानी ढाई साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


भूमि अधिग्रहण का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया है और स्थानीय लोगों को मुआवजा भी दे दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के लिए केवल सीमित जमीन अधिग्रहण की जरूरत थी, जिसे पिछले वर्ष ही निपटा लिया गया था। यह कदम परियोजना के सुचारू और समय पर पूरा होने में सहायक होगा।


इस सड़क परियोजना के पूरा होने से न केवल मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी जिले के आवागमन में सुविधा बढ़ेगी, बल्कि नेपाल सीमा से जुड़े सोनबरसा के रास्ते भी सुगम होंगे। नेपाल के साथ व्यापार और आवागमन के अवसर और मजबूत होंगे। इससे क्षेत्रीय व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जो स्थानीय आर्थिक विकास को नई दिशा देगी। यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की सुविधा सुनिश्चित होगी।


विशेष रूप से यह फोरलेन सड़क परियोजना उन लोगों के लिए लाभकारी होगी जो रोजाना बिहार और नेपाल के बीच आवागमन करते हैं। इसके अलावा, यह सड़क मार्ग परिवहन, पर्यटन और सामुदायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।

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FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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