SAHARSA: खबर सहरसा से है। जहाँ जिले में साईबर ठगी का एक अनूठा मामला सामने आया। जहां एक रिश्तेदारी ने ही दूसरे रिश्तेदार से साईबर ठगी किया है। यह ठगी की रकम कोई छोटी-मोटी रकम नहीं थी, बल्कि मोटी रकम थी। जिसमें उन्हें ऑनलाईन सट्टेबाजी, शेयर मार्केट और निवेश का लोभ देकर ठगीकर लिया था। उनसे विभिन्न तारीख में अपने और अपने पत्नी के बैंक खाते में उक्त रकम को मंगवाया था।
इस दौरान उन्हें लाभ मिलने का झांसा भी दिया जाता रहा। इस बाबत साईबर डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि बीते 16 फरवरी को पीड़ित शंभू झा ने साईबर थाना में शिकायत दर्ज कराया था। उनकी शिकायत पर साईबर थाना कांड में दर्ज की गई थी। फिर अनुसंधान प्रारंभ किया गया था। उनके शिकायत में निवेश के नाम पर बड़ी राशि के साईबर ठगी करने का आरोप लगाया गया था।
उन्होंने बताया कि अनुसंधान के क्रम में साईबर टीम द्वारा त्वरित और तकनीक के साथ-साथ पेशेवर कार्रवाई करते हुए पहले बैंक खाता, मोबाईल नंबर और डिजिटल लेनदेन का गहन विश्लेषण किया गया था। फिर वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त के संलिप्त होना प्रमाणित हुआ था। जिसके बाद अभियुक्त की गिरफ्तारी की गई थी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त ने बताया कि पीड़ित उनके दूर का रिश्तेदार है। जिनको वे विश्वास में लेकर और अधिक मुनाफे का झांसा देकर ठगी किया था।
इस दौरान अपने बैंक खाते के साथ-साथ पत्नी के बैंक खाते में भी उनसे रकम मंगवाया था। जिसमें बैंक ऑफ़ बड़ोदा, एक्सिस बैंक, फेडरल बैंक और एचडीएफसी बैंक के विभिन्न खातों में किस्तों के माध्यम से कुल 1 करोड़ 11 लाख 35 हजार 364 रुपए की रकम मंगवाई गई थी। उक्त राशि को ऑनलाईन सट्टेबाजी, लकी स्पिन, शेयर मार्केट और अन्य माध्यम में निवेश करने का प्रलोभन दिया गया था।
उन्हें लाभ का झांसा देकर लगातार राशि की उगाही की जा रही थी। डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के सभी बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। ठगी हुई राशि को वापस करवाए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। लोगों से अपील है कि वे साईबर ठग के चक्कर में न पड़े। किसी भी प्रकार के निवेश करने से पहले उसकी जांच पड़ताल अवश्य कर लें। सावधानी ही साईबर ठगी से बचने का सबसे उपयुक्त रास्ता है।





