Bihar News: व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित हाजत से फरार हुए चार बंदियों की तलाश में समस्तीपुर पुलिस ने सीमावर्ती जिलों मुजफ्फरपुर, वैशाली और नेपाल सीमा क्षेत्र तक छापेमारी तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा में चूक के लिए एक हवलदार और आठ सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि दो अन्य पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक जांच की जा रही है।
बुधवार को समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय के हाजत कक्ष से पांच बंदी पुलिस टीम को धक्का देकर फरार हो गए। इनमें से एक बंदी को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि चार बंदी भागने में सफल रहे। घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए। फरार बंदियों के नेपाल भागने की आशंका के चलते पुलिस ने नेपाल सीमा से सटे इलाकों में विशेष सतर्कता बरती है। सभी सीमावर्ती जिलों के डीआईयू (डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट) को फरार बंदियों की तस्वीरें भेजी गई हैं। पुलिस अधीक्षक ने खुद सीमावर्ती जिलों के एसपी से संपर्क कर सहयोग मांगा है।
घटना के बाद हाजत की सुरक्षा में तैनात एक हवलदार और आठ सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा दो पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही उनके विरुद्ध भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। घटना को लेकर सहायक अवर निरीक्षक सिद्धनाथ प्रसाद सिंह की ओर से सभी पांच बंदियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। नगर थाना पुलिस ने पकड़े गए बंदी को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में वापस भेज दिया और उससे गहन पूछताछ की। पूछताछ के आधार पर फरार बंदियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
घटना के अगले दिन गुरुवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में स्थिति सामान्य रही। सभी कार्यदिवस की तरह ही न्यायिक कार्य संचालन हुआ। हालांकि, हाजत और गेट की सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सख्त दिखी। पुलिस की सक्रियता हर गेट पर साफ नजर आई, लेकिन सुरक्षा में कोई नया इंतजाम नहीं देखा गया।




