Ram-Janaki Path: केंद्र सरकार ने बिहार को एक खास तोहफा दिया है। सरकार ने माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी को भगवान राम की नगरी अयोध्या से जोड़ने वाले राम-जानकी पथ के एलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। इस सड़क परियोजना के जरिए दोनों धार्मिक स्थलों को फोरलेन सड़क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
यह ऐतिहासिक फोरलेन सड़क परियोजना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय की एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी ने हाल ही में इस मार्ग को आंशिक संशोधन के साथ हरी झंडी दी है। मंत्रालय के सचिव वी उमाशंकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में बिहार के पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह भी मौजूद थे।
राम-जानकी मार्ग उत्तर प्रदेश-बिहार बॉर्डर के पास मेहरौना घाट से शुरू होगा और सीवान, सारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर होते हुए सीतामढ़ी के भिट्ठा मोड़ तक जाएगा। इस 240 किलोमीटर लंबी और 70 मीटर चौड़ी सड़क परियोजना पर कुल अनुमानित लागत करीब 6155 करोड़ रुपये आंकी गई है। फिलहाल, मेहरौना से सीवान (40 किमी) और सीवान से मशरख (52 किमी) तक के हिस्से का टेंडर जारी हो चुका है। अब मशरख से चकिया (48 किमी) और चकिया से भिट्ठा मोड़ (103 किमी) के एलाइनमेंट को भी मंजूरी मिल गई है। जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी और इसके बाद टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। अब सीतामढ़ी बाईपास को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि पुनौराधाम सीधे मुख्य सड़क से जुड़ जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा।






