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ऐसे कर्मयोगी अफसर का करें सम्मान ! बिना रास्ता के ही 2 साल पहले पुलिया बनवा दिया...और खबर चलने के बाद 'सड़क', तीन तो अभी भी पोल खोल रहे...

मनरेगा के तहत बिना रास्ते के पुलिया निर्माण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। 1st Bihar/Jharkhand की खबर के बाद जेसीबी से एक पुलिया का एप्रोच पथ बनाया गया, जबकि तीन अन्य पुलिया अब भी बिना रास्ते के हैं।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Jun 13, 2026, 11:30:27 AM

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Bihar News: ऐसे कर्मयोगी अफसरों से बिहार आगे बढ़ेगा ? बिना रास्ता के ही दो साल पहले पुलिया बनवा दिया और खभर चलने के बाद सड़क. 1st Bihar/Jharkhand ने जब खबर चलाई तो आनन-फानन में जेसीबी से रास्ता बना दिया गया. सवाल यहां फिर से शुरू होता है, 2 सालों तक जिम्मेदार अधिकारी किस बात का इंतजार कर रहे थे ? खबर चलने के बाद ही सिस्टम नींद से जागता है ? ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती ?  

Bihar News: बिना रास्ता का पुलिया..यह बिहार में ही संभव है ! जनता हैरान....मोतिहारी में सरकारी खजाने पर डाका या विकास का अनोखा मॉडल ?  इस खबर के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की नींद खुली. फिर शुरू हुआ पाप छुपाने का खेल. आनन-फानन में रास्ता बनाया गया. बताया जाता है कि जेसीबी के माध्यम से पुलिया के दोनों तरफ मिट्टी भराई कर,दिखाया गया कि पुलिया के बाद रास्ता भी तैयार कर दिया गया है. हालांकि चार पुलिया में सिर्फ एक पुलिया का एप्रोच रास्ता तैयार किया गया है. सवाल उठता है कि बाकी पुलिया का रास्ता कब बनेगा ? अगर रास्ता नहीं तो फिर पुलिया का क्या मतलब ? 

यह मामला मोतिहारी जिले के केसरिया प्रखंड क्षेत्र के ठेकहां पंचायत का है. गंडक नदी की पेटी में मनरेगा योजना के तहत बनाये गए चार पुलिया का फोटो वीडियो बना चर्चा का विषय बन गया. चंवर में जहां न कोई रास्ता है, न हीं वहां पुलिया की कोई आवश्यकता है, वहां लाखों खर्च कर पुलिया का निर्माण करा दिया गया. बताया जाता है कि कार्य मनरेगा योजना के तहत हुआ है. खबर के बाद मनरेगा के अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गई। इसके बाद मिट्टी भराई का कार्य शुरू हुआ. वो भई चार में सिर्फ 1 पुलिया का पथ आनन-फानन में तैयार किया गया. वहीं अन्य तीन पुलिया का अब भी भगवान ही मालिक है. 

जब तस्वीर सामने आई, इसके बाद बेचैनी बढ़ी. वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पूर्वीचंपारण के केसरिया प्रखंड के मनरेगा पीओ मौके पर पहुंचे. इसके बाद रिलीज जारी हुआ. जिसमें कहा गया है कि कल ही स्थल पर जाकर पीओ मनरेगा केसरिया द्वारा देखा गया है। यह घाट पर जाने के लिए ग्रामीण रास्ता है, विशेषकर सावन में। जंहा पुलिया का निर्माण किया गया है वहां से सोती के द्वारा होते हुए गाँव का पानी बरसात में निकलता है। पुलिया नहीं रहने से पानी की निकासी अवरुद्ध हो जाता था और रास्ता का कटाव हो जाता था। इसलिए पानी का निर्बाध निकासी हेतु पुलिया का निर्माण किया गया है। अप्रोच के लिए मिट्टी भराई हो रहा है। एप्रोच पथ बना दिया गया है।

मोतिहारी जिले के केसरिया प्रखंड क्षेत्र के ठेकहां पंचायत के वार्ड 04 और 11 में  गंडक नदी की पेटी में मनरेगा योजना के तहत बनाये गए चार पुलिया का फोटो-वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है. चंवर में जहां न कोई रास्ता है,न वहां पुलिया की कोई आवश्यकता , वहां लाखों खर्च कर पुलिया का निर्माण करा दिया गया. बताया जाता है कि कार्य मनरेगा योजना के तहत हुआ है.स्थानीय लोग अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत की बात कह रहे. केसरिया प्रखंड के  ढेकहां पंचायत के वार्ड संख्या 4 स्थित मझरिया गांव में नदी की पेटी के भीतर बनाया गया दो पुलिया की तस्वीर सामने आई है. इनमें से एक पुलिया ऐसे स्थान पर निर्मित है, जहां कोई सड़क-रास्ता नहीं है, वह क्षेत्र नदी का हिस्सा माना जाता है। वहीं दूसरे पुलिया के निर्माण में ईंट से तैयार गिट्टी का उपयोग किए जाने से इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

वही  इसी पंचायत के वार्ड 11 में भी दो पुलिया बनाए गए हैं, जिनमें एक गाइड बांध के समीप नदी क्षेत्र में तथा दूसरा सत्तरघाट माई स्थान के पास स्थित है।