Bihar News: समाज में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो सामाजिक समरसता बिगाड़ने का काम करते हैं. ऐसी मानसिकता वाले लोग सोशल मीडिया का सहारा लेकर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करते हैं. दुःखद पहलू यह कि जानकारी मिलने के बाद भी पुलिस शांति के दुश्मनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करती. यूजीसी कानून को माध्यम बनाकर एक शख्स ने सवर्ण समाज की एक जाति को टारगेट किया, सोशल मीडिया का सहारा लेकर अपशब्दों की बौछार कर दी, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे तनाव पैदा हुआ. लेकिन शिकायत मिलने के बाद भी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया.
वीडियो पर मधुबन में विवाद...पुलिस से शिकायत
मामला पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन का है, जहां एक शख्स ने फेसबुक पर सवर्ण समाज की एक जाति के बारे में अपशब्द कहे, गंदी-गंदी बातें कहीं. जिस शख्स ने ऐसा कृत्य किया वो मधुबन थाना क्षेत्र का ही बताया जाता है. वीडियो सामने आया तो इसकी प्रतिक्रिया होने लगी. विरोध के स्वर उठने लगे. प्रतिक्रिया स्वरूप जाति विशेष के लोग आक्रोशित हो उठे. इसके बाद मधुबन थाने की पुलिस को इसकी सूचना दी गई। अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव सह बिहार प्रभारी राणा रंजीत सिंह ने 1 फरवरी 2026 को ही मधबुन के थानाध्यक्ष से लिखित शिकायत की, जिसमें सामाजिक समरसता बिगाड़ने और उन्माद फैलाने वाले शख्स के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की गई. साथ ही पुलिस को वह वीडियो भी दिया,जो सोशल मीडिया के माध्यम से जारी किया गया था. उक्त वीडियो में वह शख्स जाति विशेष के बारे में गंदे शब्दों का प्रयोग कर रहा. मधुबन थाने में केस दर्ज करने का आवेदन 1 तारीख को दिया गया, आज 19 फरवरी है. लेकिन पुलिस इस मामले में केस दर्ज करना उचित नहीं समझी.
पुलिस की भूमिका पर उठने लगे सवाल, सवर्णों का होगा महाजुटान
मधबुन थाने की पुलिस द्वारा उन्माद फैलाने के आरोपी के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने पर सवाल उठने लगे हैं. अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव सह बिहार प्रभारी राणा रंजीत सिंह ने कहा है कि इस मुद्दे पर आंदोलन होगा. जो लोग जाति के नाम स्वजातीय वोट तो लेते हैं, लेकिन स्वाभिमान की रक्षा को सामने नहीं आते. समाज को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि 22 फरवरी को मोर्चा की तरफ से सवर्ण समाज का महाजुटान होगा.पटना के विद्यापति भवन में सवर्ण न्याय महाससम्मेलन का आयोजन किया गया है.





