PM Modi : देश और वैश्विक हालात के बीच बढ़ते तनाव को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi आज शाम एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक विशेष रूप से ईरान से जुड़े मौजूदा संकट और अमेरिका-इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच देश की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुलाई गई है। बैठक शाम 6 बजे वर्चुअल माध्यम से आयोजित होगी, जिसमें देश के अधिकांश राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar भी हिस्सा लेंगे। वे पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। सीएम सचिवालय के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास पर बैठक को लेकर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संभावना है कि इस दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहेंगे, ताकि राज्य स्तर पर जरूरी इनपुट और सुझाव दिए जा सकें।
प्रधानमंत्री इस बैठक में मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात की विस्तृत समीक्षा करेंगे और राज्यों के साथ समन्वय बनाकर आगे की रणनीति तय करेंगे। केंद्र सरकार द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी भी मुख्यमंत्रियों को दी जाएगी। साथ ही यह भी चर्चा होगी कि अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो राज्यों को किस तरह से तैयार रहना चाहिए।
ईरान में जारी संकट का असर भारत के कई हिस्सों पर दिखने लगा है, जिसमें बिहार भी शामिल है। खासतौर पर एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा समुद्री व्यापार में रुकावट आने से निर्यात-आयात प्रभावित हो रहा है। बिहार से खाड़ी देशों को भेजे जाने वाले कई उत्पादों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, जिससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है जो खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। बिहार के हजारों युवा इन देशों में रोजगार कर रहे हैं और मौजूदा तनाव के कारण उनकी सुरक्षा और नौकरी दोनों पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में बैठक में इस मुद्दे पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा कि विदेशों में रह रहे भारतीयों, खासकर बिहारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।
दिलचस्प बात यह है कि इस बैठक में पांच चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित नहीं किया गया है, जबकि बाकी सभी राज्यों को शामिल किया गया है। इससे साफ है कि यह बैठक पूरी तरह से रणनीतिक और प्रशासनिक समन्वय पर केंद्रित है।
बैठक के दौरान केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर उन उपायों पर चर्चा करेंगी, जिनसे आम लोगों की परेशानियों को कम किया जा सके। इसमें एलपीजी आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना, व्यापारिक गतिविधियों को कम से कम प्रभावित होने देना और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रमुख मुद्दे होंगे।
कुल मिलाकर, यह बैठक देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर बन रहे हालात का असर अब सीधे आम लोगों के जीवन और अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है। ऐसे में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल ही इस चुनौती से निपटने की कुंजी साबित हो सकता है।






