Bihar Crime News: बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के एक गांव में 12 साल की एक नाबालिग बच्ची के साथ गंभीर अपराध किए जाने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
परिवार की शिकायत के बाद मामला आया सामने
जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची की मां ने इस मामले में थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि गांव के ही एक 35 वर्षीय युवक ने उनकी मासूम बेटी को बहला-फुसलाकर उसके साथ गलत हरकत की। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई और वे तुरंत पुलिस के पास पहुंचे। परिवार ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने तेजी से की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को समझते हुए थाना प्रभारी गुलाम शाहबाज आलम ने बिना देर किए एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान पूरी तरह से सुनिश्चित कर ली गई है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं का पता लगाया जा सके।
सख्त धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए POCSO Act (बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने वाला कानून) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। थाना प्रभारी ने साफ कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ऐसे मामलों में “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है।
मेडिकल जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी
फुलवारी शरीफ पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी सुशील कुमार ने जानकारी दी कि पीड़ित बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, ताकि जरूरी साक्ष्य इकट्ठा किए जा सकें। इसके अलावा न्यायालय में पीड़िता का बयान धारा 164 के तहत दर्ज कराया जाएगा, जो इस तरह के मामलों में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी
पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में तेजी से कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कर लिया जाएगा और समय पर चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इसका उद्देश्य है कि आरोपी को जल्द से जल्द अदालत में पेश कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके, ताकि समाज में एक सख्त संदेश जाए।






