Hindi News / bihar / patna-news / Bihar train : ट्रेन के कोच में मिली दरार! रेलवे ने तुरंत लिया...

Bihar train : ट्रेन के कोच में मिली दरार! रेलवे ने तुरंत लिया बड़ा फैसला, देशभर में शुरू हुई सुरक्षा जांच, जानिए क्या है पूरा मामला

लुधियाना स्टेशन पर स्लीपर कोच में दरार मिलने के बाद भारतीय रेलवे अलर्ट मोड में है। देशभर के ICF कोचों की होगी विशेष जांच।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 08, 2026, 6:42:37 AM

Bihar train : ट्रेन के कोच में मिली दरार! रेलवे ने तुरंत लिया बड़ा फैसला, देशभर में शुरू हुई सुरक्षा जांच, जानिए क्या है पूरा मामला

- फ़ोटो

Bihar train : दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी जाने वाली एक विशेष ट्रेन के स्लीपर कोच में दरार मिलने के बाद भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए देशभर में चल रहे सभी आइसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) कोचों की विशेष जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक सप्ताह का व्यापक सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है, जिसमें कोचों की संरचनात्मक मजबूती और रखरखाव की स्थिति का गहन परीक्षण किया जाएगा।


जानकारी के अनुसार, छह जून को लुधियाना रेलवे स्टेशन पर दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी स्पेशल ट्रेन के एक स्लीपर कोच में दरार देखी गई थी। कोच में तकनीकी खामी की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को विशेष सतर्कता बरतने और व्यापक निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं।


रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भविष्य में ऐसी किसी भी संभावित घटना को रोकना है। इसके लिए उन हिस्सों की विशेष जांच की जाएगी जहां जंग या क्षरण (कोरोजन) की संभावना अधिक रहती है। रेलवे ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगले सात दिनों के भीतर आइसीएफ कोचों का विस्तृत निरीक्षण पूरा किया जाए।


निरीक्षण के दौरान जिन कोचों में अत्यधिक क्षरण, संरचनात्मक कमजोरी या अन्य गंभीर तकनीकी खामियां पाई जाएंगी, उन्हें तत्काल सेवा से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रेलवे का मानना है कि समय रहते ऐसे कोचों की पहचान कर उन्हें हटाना यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।


इस विशेष अभियान की निगरानी रेलवे मुख्यालय, मंडल कार्यालयों और रेलवे वर्कशॉप के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वयं कोचों का सुपर-चेक करें ताकि निरीक्षण प्रक्रिया की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा रेलवे ने क्षेत्रीय इकाइयों को निरीक्षण संबंधी दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण सामग्री भी उपलब्ध कराई है।


तकनीकी जांच को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। रेलवे ने इंडोस्कोपी कैमरा, अल्ट्रासोनिक थिकनेस गेज और अन्य उन्नत परीक्षण उपकरणों की मदद से कोचों की जांच करने का निर्णय लिया है। इन उपकरणों के जरिए उन हिस्सों की भी स्थिति का पता लगाया जा सकेगा, जहां सामान्य निरीक्षण के दौरान खामियां नजर नहीं आतीं। इससे कोचों की वास्तविक स्थिति का अधिक सटीक आकलन संभव होगा।


रेलवे ने केवल कोचों की जांच तक ही अपने अभियान को सीमित नहीं रखा है, बल्कि रखरखाव व्यवस्था की समीक्षा के लिए भी कदम उठाए हैं। इसी क्रम में उन सभी रेलवे वर्कशॉप का ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है, जहां कोचों की पीरियाडिक ओवरहालिंग (पीओएच) की जाती है। अगले एक महीने के भीतर यह ऑडिट पूरा किया जाएगा और यह जांचा जाएगा कि रखरखाव प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।


इसके साथ ही रेलवे बोर्ड स्तर पर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (एसओपी) को और सरल एवं प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे कोचों की जल्द पहचान करना है, जिनमें अत्यधिक क्षरण हो चुका हो या जिनकी मरम्मत पर अत्यधिक खर्च आने की संभावना हो। ऐसे कोचों को समय रहते सेवा से हटाकर सुरक्षा जोखिम को कम किया जाएगा।


रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह व्यापक सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है। रेलवे को उम्मीद है कि विशेष जांच, आधुनिक तकनीकी परीक्षण और रखरखाव प्रक्रियाओं की समीक्षा जैसे कदमों से कोचों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद रेल यात्रा का अनुभव मिलेगा।