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Tejashwi Yadav : राबड़ी देवी के बाद तेजस्वी यादव ने भी लौटाई Y+ सुरक्षा, दिल्ली से वापस बुलाए गए सुरक्षाकर्मी; बिहार की राजनीति में बढ़ा सुरक्षा विवाद

राबड़ी देवी के बाद अब तेजस्वी यादव ने भी अपनी सरकारी सुरक्षा वापस लौटा दी है। Y+ श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था ठुकराने के बाद दिल्ली से तैनात सुरक्षाकर्मी लौट आए हैं। इस फैसले से बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 06, 2026, 9:24:09 AM

Tejashwi Yadav : राबड़ी देवी के बाद तेजस्वी यादव ने भी लौटाई Y+ सुरक्षा, दिल्ली से वापस बुलाए गए सुरक्षाकर्मी; बिहार की राजनीति में बढ़ा सुरक्षा विवाद

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बिहार में वीआईपी सुरक्षा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा अपनी सुरक्षा वापस किए जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था लौटाने का फैसला किया है। इस कदम के बाद बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, जबकि सरकार का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के आधार पर तय की जाती है।


जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव को हाल ही में संशोधित सुरक्षा व्यवस्था के तहत वाई प्लस (Y+) श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। नई व्यवस्था के अनुसार उनकी सुरक्षा में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) के 1 से 4 हाउस गार्ड, पटना जिला बल के छह अंगरक्षक (तीन सादे लिबास में और तीन वर्दीधारी) तथा वाहन सहित एक से चार सदस्यीय एस्कॉर्ट पार्टी की तैनाती की गई है। हालांकि तेजस्वी यादव ने इस व्यवस्था को स्वीकार करने से इनकार करते हुए सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज दिया।


सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव की सुरक्षा में तैनात कई सुरक्षाकर्मी दिल्ली से वापस बिहार लौट आए हैं। तेजस्वी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सुरक्षा में कटौती या बदलाव को लेकर उनकी पार्टी सरकार के फैसले से सहमत नहीं है। राजद नेताओं का आरोप है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर उनकी सुरक्षा व्यवस्था कमजोर की जा रही है।


इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी अपने सरकारी आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस लौटा दिया था। उन्होंने आवास के बाहर और भीतर तैनात सभी जवानों को हटाने का निर्देश दिया था। राबड़ी देवी का कहना था कि यदि सरकार सुरक्षा कम करना चाहती है तो उन्हें ऐसी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। उनके इस फैसले के बाद सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी।


राजद का आरोप है कि राज्य सरकार विपक्ष के प्रमुख नेताओं को असुरक्षित करने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को लगातार राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों के कारण सुरक्षा की आवश्यकता रहती है, लेकिन सरकार सुरक्षा में कटौती कर राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रही है।


वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि सुरक्षा व्यवस्था का निर्धारण खुफिया रिपोर्ट और सुरक्षा एजेंसियों के मूल्यांकन के आधार पर किया जाता है। सरकार का दावा है कि किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा से राजनीतिक आधार पर कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा श्रेणियों की समय-समय पर समीक्षा होती रहती है और उसी के अनुरूप बदलाव किए जाते हैं।


इस पूरे घटनाक्रम के बीच बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक तरफ राजद इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष का कहना है कि सुरक्षा को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गरमा सकता है, क्योंकि राजद लगातार इस मुद्दे को जनता के बीच उठाने की तैयारी कर रही है।


राबड़ी देवी और अब तेजस्वी यादव द्वारा सुरक्षा लौटाने के फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में सुरक्षा व्यवस्था का मामला अब केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। ऐसे में सभी की नजरें सरकार और विपक्ष के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।