PATNA: बिहार में राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं और NDA के चक्रव्यूह में अपने इकलौते उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए तेजस्वी यादव कांग्रेस के सहारे हैं. लेकिन राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के ठीक पहले तेजस्वी ने कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया है.
केरल में लड़ेंगे चुनाव
दरअसल चुनाव आयोग ने आज देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के डेट का ऐलान किया है. इसमें केरल भी शामिल है. तेजस्वी ने केरल चुनाव को लेकर बड़ी घोषणा कर दी है. पटना में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी पार्टी केरल में लेफ्ट पार्टियों की अगुआई वाले एलडीएफ में शामिल होकर तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी.तेजस्वी ने कहा कि केरल में उनकी पार्टी राजद का आधार रहा है और वहां पहले से RJD के विधायक रहे हैं. लिहाजा पार्टी फिर से चुनाव लड़ेगी और ये तय करेगी कि एलडीएफ फिर से सत्ता में आए.
कांग्रेस के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव
बता दें कि केरल में दो मुख्य गठबंधन हैं, जिनके बीच सत्ता के लिए मुकाबला होता रहा है. वाम दलों की अगुवाई वाला एलडीएफ अभी सत्ता में है. उसे कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ मुकाबला देता रहा है. यानि तेजस्वी केरल में कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे.
केरल में फिलहाल एलडीएफ की सरकार है और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में गठबंधन लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रहा है। राज्य की राजनीति में लंबे समय तक हर चुनाव में सत्ता परिवर्तन का ट्रेंड रहा है, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव में यह परंपरा टूट गई थी जब एलडीएफ दोबारा सत्ता में लौट आया था।
अगर पिछले चुनाव के नतीजों की बात करें तो 140 में से 97 सीटों पर एलडीएफ के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को 41 सीटों पर जीत मिली थी। अन्य दलों को दो सीटों पर सफलता मिली थी, जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को एक भी सीट नहीं मिल सकी थी।
इस बार भी एलडीएफ सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में जुटा है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रहा है। वहीं बीजेपी भी केरल में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने और पहली बार कमल खिलाने की उम्मीद लगाए हुए है। आने वाले चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या एलडीएफ अपनी सत्ता बचा पाता है या फिर राज्य में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन का ट्रेंड लौटता है।





