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Shravani Mela 2026 : श्रावणी मेला 2026 और बाढ़-सूखा तैयारी पर CM सम्राट की बड़ी बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों और संभावित बाढ़-सूखा स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की। कांवरियों की सुरक्षा, राहत शिविर, दवाइयों और किसानों को सहायता देने के निर्देश दिए।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 21, 2026, 2:06:19 PM

Shravani Mela 2026 : श्रावणी मेला 2026 और बाढ़-सूखा तैयारी पर CM सम्राट की बड़ी बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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Shravani Mela 2026 : पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद सभागार में गुरुवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों तथा राज्य में संभावित बाढ़ और सूखे की स्थिति को लेकर विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और तैयारियों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालु कांवरियों और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी करें।


बैठक में श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और ठहराव की व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से देवघर तक कांवर यात्रा करते हैं, इसलिए उनकी सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कांवर पथ पर पर्याप्त रोशनी, शौचालय, चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विशेष कार्य योजना तैयार करने को कहा गया।


मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी रखें। महिला कांवरियों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। जगह-जगह पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरे लगाने पर भी जोर दिया गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।


बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ संभावित बाढ़ और सूखे की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान बिहार के कई जिले हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं, जबकि कुछ इलाकों में सूखे की स्थिति बन जाती है। ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पहले से पूरी रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, खाद्यान्न, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और पशु चारे की व्यवस्था समय से पहले सुनिश्चित कर ली जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत शिविरों में साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि महामारी जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां और मेडिकल टीम तैयार रखने का निर्देश दिया। इसके अलावा जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने को भी कहा गया।


सूखे की संभावित स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल क्षति का आकलन तेजी से किया जाए और प्रभावित किसानों को समय पर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों को हरसंभव सहायता देने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी रखे।


बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय रखे जाएंगे और आपदा से संबंधित सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता की सुरक्षा तथा सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालु कांवरियों, किसानों और आपदा प्रभावित लोगों की सुविधा, सुरक्षा और सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य है कि श्रावणी मेला शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो तथा बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को समय पर राहत मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की अपील की।