Bihar News: पथ निर्माण विभाग में बड़े-बड़े खेल होते हैं. इंजीनिय़र-ठेकेदार की मिलीभगत से करोड़ों का वारा-न्यारा होता है. इसी साल गया पथ प्रमंडल में करोड़ों के खेल का खुलासा हो चुका है, जहां इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी खजाने से बड़ी राशि की निकासी हुई. मामले में गया पथ प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता से लेकर वर्तमान कार्यपालक अभियंता तक को सस्पेंड किया गया . सड़क निर्माण कंपनी को भी ब्लैक लिस्टेड किया गया. हालांकि पटना हाईकोर्ट ने विभागीय आदेश को रद्द कर नए सिरे से कार्यवाही चलाने का आदेश दिया है. हाल ही में पथ निर्माण विभाग ने एक और कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने का निर्णय लिया है. निर्माण कंपनी पर आरोप है कि टेंडर में गलत सूचना देकर काम लेने की कोशिश की. इस आरोप में उक्त कंपनी को 10 सालों के लिए ब्लैकलिस्ट करने का आदेश पारित किया गया है.
पथ निर्माण विभाग ने 9 सिंतबर 2025 को आदेश जारी किया है. उक्त आदेश में सड़क निर्माण में टेंडर डालने वाली कंपनी Shristi Developers Pvt. Ltd को दस वर्षों को कालीकृत किया है. आरोप है कि इस कंपनी ने नुरसराय से सिलाव सड़क की मजबूतीकरण कार्य के लिए निविदा जारी की गई थी. इस निविदा में Shristi Developers Pvt. Ltd.ने टेंडर डाला था. हालांकि टेंडर में यह कंपनी असफळ रही. कंपनी ने टेंडर में सफल होने के लिए गलत कागजात अपलोड किया था. 28 जून 2025 को निविदा समिति की बैठक में कंपनी के कागजात की जांच की गई तो वह गलत पाई गई।
Noorsarai से Silao सड़क की 0.00 to 13.120 K.m.सड़क निर्माण टेडर में गलत कागजात प्रस्तुत करने के आरोप में पथ निर्माण विभाग ने Shristi Developers Pvt. Ltd. कंपनी को दंड देने का निर्णय लिया. इसके बाद अब उक्त कंपनी को दस वर्षों के लिए कालीकृत करने का आदेश जारी किया गया है. अभियंता प्रमुख की तरफ से यह आदेश 9 सितंबर को जारी की गई है.






