ब्रेकिंग
बिहार विधानसभा की 19 समितियों का गठन, अनंत सिंह और धूमल सिंह को बड़ी जिम्मेवारीनालंदा शीतला माता मंदिर भगदड़ मामला: नीतीश सरकार ने मुआवजे का किया एलान, आश्रितों को मिलेंगे 6-6 लाखसब फाजुल बात है, ऐसा कोई पैदा नहीं लिया जो.. सीएम नीतीश के इस्तीफे पर बोले अनंत सिंहBihar Co Suspend: दो लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार सीओ को सरकार ने दुबारा किया सस्पेंड, गिरफ्तारी पर पटना की सड़कों पर उतरे थे सूबे के अंचलाधिकारी Bihar News: जेल में बंद घूसखोर कर्मचारियों को 15 अप्रैल तक करें बर्खास्त, डिप्टी CM विजय सिन्हा सख्त...प्रधान सचिव ने सभी DM के लिए जारी किया गाइडलाइन बिहार विधानसभा की 19 समितियों का गठन, अनंत सिंह और धूमल सिंह को बड़ी जिम्मेवारीनालंदा शीतला माता मंदिर भगदड़ मामला: नीतीश सरकार ने मुआवजे का किया एलान, आश्रितों को मिलेंगे 6-6 लाखसब फाजुल बात है, ऐसा कोई पैदा नहीं लिया जो.. सीएम नीतीश के इस्तीफे पर बोले अनंत सिंहBihar Co Suspend: दो लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार सीओ को सरकार ने दुबारा किया सस्पेंड, गिरफ्तारी पर पटना की सड़कों पर उतरे थे सूबे के अंचलाधिकारी Bihar News: जेल में बंद घूसखोर कर्मचारियों को 15 अप्रैल तक करें बर्खास्त, डिप्टी CM विजय सिन्हा सख्त...प्रधान सचिव ने सभी DM के लिए जारी किया गाइडलाइन

राहुल को मुकेश सहनी का समर्थन, बोले.. जल्दबाजी में सदस्यता रद्द करने का फैसला उचित नहीं, बहुत बड़ा नहीं था मामला

PATNA: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्हो

राहुल को मुकेश सहनी का समर्थन, बोले.. जल्दबाजी में सदस्यता रद्द करने का फैसला उचित नहीं, बहुत बड़ा नहीं था मामला
Aprajita  ShilaAprajita Shila|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यह मामला इतना बड़ा नहीं था। उन्होंने कहा कि आनन फानन में सदस्यता रद्द करने की जरूरत नहीं थी।


श्री सहनी ने कहा कि मैं न्यायपालिका के फैसले पर अंगुली नहीं उठा रहा। मैं शुरू से न्यायपालिका का सम्मान किया है और आगे भी करता  रहूंगा। उन्होंने कहा कि जहां तक यह फैसला है उससे देश के अधिकांश लोग असहमति जता रहे हैं, उनमें से मैं भी एक हूं। 


उन्होंने कहा कि यह मामला इतना बड़ा नहीं था।  अदालत द्वारा दो साल की सजा सुनाने के बाद आनन फानन में  12 घंटे के अंदर जिस तरह से लोकसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई उसकी जरूरत नहीं थी, थोड़ा इंतजार करना चाहिए था। 


उन्होंने कहा जिस बयान को लेकर सजा सुनाई गई है वैसे बयान चुनाव के समय हजारों नेता बोलते हैं। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि मुझे न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा विश्वास है और पूरी संभावना है कि ऊपरी अदालत में जाने के बाद निश्चित रूप से स्टे हो जाएगा।

टैग्स
इस खबर के बारे में
Aprajita  Shila

रिपोर्टर / लेखक

Aprajita Shila

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें