Patna News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्मार्ट परियोजना के तहत राजधानी पटना में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य तेजी से जारी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर के लगभग सभी इलाकों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। बिजली कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार, अंडरग्राउंड केबलिंग के माध्यम से करीब 8 लाख बिजली उपभोक्ताओं को जोड़ा जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना मंत्रालय के स्टेट प्लान के तहत 292 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित की जा रही है। इसके लिए इसी वर्ष जनवरी माह में डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की गई थी। राजधानी के कई प्रमुख इलाकों—जैसे बीरचंद पटेल मार्ग, स्टैंड रोड, सगुना मोड़, पाटलिपुत्र और बोरिंग रोड—में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है।
परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए पेसू के जीएम दिलीप सिंह ने बताया कि पहले चरण में करीब 35 किलोमीटर तक अंडरग्राउंड केबलिंग का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न स्थानों पर पावर सब-स्टेशन और आरएमयू (रिंग मेन यूनिट) का निर्माण भी किया जाएगा। मंत्रालय की ओर से निर्देश दिया गया है कि वर्ष 2027 तक पूरे शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य पूरा कर लिया जाए। इसके लिए नगर विकास विभाग से अनुमति लेकर विभिन्न निजी एजेंसियों को काम सौंपा गया है।
इस अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजना के पूरा होने के बाद राजधानीवासियों को बिजली चोरी, शॉर्ट सर्किट और बार-बार होने वाले ब्रेकडाउन जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। योजना के तहत 61 कॉम्पैक्ट ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। अंडरग्राउंड केबलिंग के लिए डक्ट सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, सरकारी आवासों और गवर्नमेंट क्वार्टरों में पहले से ही अंडरग्राउंड तारों के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जा रही है।





