Patna News: पटना अब आधुनिक तकनीक के मामले में बड़े महानगरों को टक्कर देने के लिए तैयार है। सोमवार को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2914 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। इस बजट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह ‘स्मार्ट टेक्नोलॉजी’ पर आधारित है।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि शहर की पुरानी स्ट्रीट लाइटों का कायाकल्प किया जाएगा और अब आईओटी (IoT) आधारित सेंसर वाली स्मार्ट लाइटें लगाई जाएंगी। ये लाइटें शाम होते ही स्वतः जल जाएंगी और सूरज की पहली किरण के साथ बुझ जाएंगी।
वर्तमान में शहर में लगभग 82 हजार लाइटें हैं, लेकिन नई कॉलोनियों और गलियों को भी इस स्मार्ट नेटवर्क से जोड़ने के लिए सर्वे कराया जाएगा। सभी लाइटों की निगरानी एक सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर से होगी, जिससे खराबी का पता तुरंत चल सकेगा।
बजट में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए ‘डिमांड लाइट’ सिस्टम प्रस्तावित किया गया है। इसके तहत यात्री बस एक बटन दबाएंगे, और ट्रैफिक सिग्नल खुद-ब-खुद लाल हो जाएगा, जिससे वाहन रुकेंगे। जाम से बचने के लिए इस सिस्टम में 20 मिनट का गैप रखा गया है। इसके अलावा शहर के सात मुख्य प्रवेश मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे।
नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। शहर के सभी घरों और संपत्तियों की GIS मैपिंग कराई जाएगी, जिससे होल्डिंग टैक्स की चोरी रोकी जा सकेगी और राजस्व में वृद्धि होगी। इस बार होल्डिंग टैक्स से 137 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। आम जनता की सुविधा के लिए पटना के सभी छह अंचलों में शव वाहन उपलब्ध रहेंगे, जिन्हें शोक संतप्त परिवार आसानी से बुक कर सकेंगे।




