1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 05, 2026, 9:23:22 AM
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BIHAR NEWS : बिहार की राजधानी पटना में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले होटल और निजी अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं करने वाले 239 संस्थानों को 15 जून के बाद सील किया जा सकता है। इनमें 161 होटल और 78 निजी अस्पताल शामिल हैं। विभाग ने इन संस्थानों को तीसरी और अंतिम नोटिस जारी कर नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।
हाल ही में मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में लगी भीषण आग में कई लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार और अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में पटना जिले के होटल और अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष पटना जिले के कुल 462 निजी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराया गया था। जांच में पाया गया कि 384 अस्पतालों ने अग्निशमन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था कर ली है, लेकिन 78 अस्पताल अब भी निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर सके हैं। इन अस्पतालों में कई जगहों पर फायर फाइटिंग सिस्टम अपडेट नहीं किया गया है, जबकि आपातकालीन निकास मार्गों की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। कुछ संस्थानों में पुराने और जर्जर बिजली के तार भी खतरे का कारण बने हुए हैं।
इसी प्रकार पटना जिले के 241 होटलों की भी सुरक्षा जांच की गई थी। इनमें केवल 80 होटल ही अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों पर खरे उतरे। बाकी होटलों में आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक उपकरणों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभाव पाया गया।
गुरुवार को बिहार अग्निशमन विभाग की टीम ने पटना जिले के कई होटलों और अस्पतालों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह सामने आया कि 30 होटल और 30 अस्पताल ऐसे हैं जिन्होंने दो बार नोटिस मिलने के बावजूद विभागीय निर्देशों का पालन नहीं किया। इसके बाद जिला फायर कमांडेंट ने ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की है।
जिला फायर कमांडेंट रितेश कुमार पांडेय ने बताया कि निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। जिन संस्थानों ने बार-बार चेतावनी के बावजूद सुधारात्मक कदम नहीं उठाए हैं, उन्हें सील करने का प्रस्ताव बिहार अग्निशमन पदाधिकारी को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।
उधर, मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड को लेकर राज्य सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। सूचना एवं जनसंपर्क तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम गठित की जाएगी। जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही, नियमों की अनदेखी या प्रबंधन की गलती सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस दुखद घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
श्रवण कुमार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद और हृदय विदारक घटना है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के सभी अस्पताल और सार्वजनिक संस्थान सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।