1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 18, 2026, 8:03:45 AM
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BIHAR NEWS : पटना जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब ई-वाहन चालकों को बैटरी चार्ज करने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। जिले में पेट्रोल पंप की तर्ज पर आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए पटना जिले में कुल 58 स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है, जहां यह सुविधा विकसित की जाएगी।
नगर निगम की ओर से इन सभी स्थानों के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है। अब जिला परिवहन कार्यालय (DTO) की देखरेख में निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, जिसकी शुरुआत जून माह में होने की संभावना जताई जा रही है।
हर स्टेशन पर मिलेंगी मल्टीपल चार्जिंग सुविधाएं
इन प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। प्रत्येक स्टेशन पर दो से तीन चार्जिंग बॉक्स लगाए जाएंगे, ताकि एक साथ कई वाहन चार्ज हो सकें। यहां दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध होगी। चार्जिंग प्रणाली को प्री-पेड मॉडल पर आधारित रखा जाएगा, जिससे उपयोगकर्ता पहले भुगतान कर आसानी से सेवा का लाभ ले सकेंगे। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और संचालन भी सुचारू रूप से किया जा सकेगा।
ई-वाहनों की बढ़ती संख्या और जरूरत
पिछले कुछ वर्षों में पटना समेत पूरे जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इसमें इलेक्ट्रिक बाइक, स्कूटी, ऑटो, कार और बसें तक शामिल हैं। बढ़ते उपयोग के बावजूद चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी अब तक एक बड़ी समस्या बनी हुई थी।
अधिकतर लोग अपने घरों में ही वाहनों को चार्ज करने पर निर्भर थे, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा या अचानक बैटरी खत्म होने की स्थिति में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो जाते हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त खर्च और समय दोनों का नुकसान होता है।
तीन स्तर की चार्जिंग सुविधा
नए चार्जिंग स्टेशनों में उपयोगकर्ताओं को तीन प्रकार की चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें 120 वोल्ट और 240 वोल्ट के अलावा फास्ट चार्जिंग सिस्टम भी शामिल होगा। इससे अलग-अलग क्षमता वाले वाहनों को उनकी जरूरत के अनुसार चार्ज किया जा सकेगा।
धीमी चार्जिंग से लेकर तेज चार्जिंग तक की सुविधा एक ही स्थान पर मिलने से ई-वाहन उपयोगकर्ताओं को काफी राहत मिलेगी। खासकर फ्लीट ऑपरेटर, ऑटो चालक और डिलीवरी सेवाओं से जुड़े लोग इसका अधिक लाभ उठा सकेंगे।
सोलर ऊर्जा से चलेंगे स्टेशन
इन सभी चार्जिंग स्टेशनों को सोलर ऊर्जा प्रणाली से संचालित करने की योजना है। इसका उद्देश्य न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है, बल्कि बिजली की लागत को भी कम करना है। सभी स्टेशनों का डिजाइन एक समान होगा, जिससे पूरे जिले में एकरूपता बनी रहेगी। परियोजना के तहत यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक स्टेशन पर 24 घंटे चार्जिंग सुविधा उपलब्ध रहे, ताकि किसी भी समय वाहन चालक अपनी सुविधा अनुसार वाहन चार्ज कर सकें।
प्रमुख स्थानों पर होंगे स्टेशन
इन चार्जिंग स्टेशनों को पटना शहर के प्रमुख और व्यस्त इलाकों में स्थापित किया जाएगा। इनमें कंकड़बाग, दानापुर, सगुना मोड़, बोरिंग रोड, शिवपुरी और चितकोहरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा पटना जिले के बाहरी इलाकों जैसे बाढ़, बख्तियारपुर, मोकामा और दुल्हिनबाजार में भी चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इन स्थानों का चयन इसलिए किया गया है ताकि शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोग आसानी से इस सुविधा का लाभ ले सकें।
निजी और सार्वजनिक भागीदारी
जानकारी के अनुसार, इन चार्जिंग स्टेशनों का संचालन अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा। इससे निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा और सरकारी ढांचे पर दबाव कम होगा। फिलहाल पटना जिले में केवल 5 से 6 चार्जिंग स्टेशन ही सक्रिय हैं, जो वर्तमान मांग के मुकाबले बेहद कम हैं। ऐसे में 58 नए स्टेशनों की स्थापना से इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पटना को ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगा। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि ईंधन पर निर्भरता भी कम होगी। सरकार की यह योजना आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों को और अधिक लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होने के बाद लोग बिना किसी चिंता के इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
कुल मिलाकर, पटना जिले में बनने जा रहे ये 58 चार्जिंग स्टेशन इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होंगे और आने वाले समय में यह शहर ई-वाहन फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित होगा।