Patna Digha Road Project : राजधानी पटना के दीघा इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तेजी से आकार ले रहा है। इस योजना के तहत दीघा में स्थित गोलंबर (रोटरी) का दायरा करीब तीन गुना तक बढ़ाया जाएगा। माना जा रहा है कि इस बदलाव से न सिर्फ ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि पूरे इलाके की खूबसूरती भी बढ़ेगी और यह क्षेत्र एक आकर्षक शहरी स्पॉट के रूप में विकसित होगा।
दरअसल, दीघा का यह स्थान पटना के सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शनों में से एक है। यहां अटल पथ, जेपी गंगा पथ, पाटली पथ और जेपी सेतु से आने-जाने वाले वाहनों का भारी दबाव एक साथ पड़ता है। इसी कारण यहां अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। खासकर ऑफिस टाइम और त्योहारों के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है।
इसी समस्या को देखते हुए अब यहां एक आधुनिक और आकर्षक रोटरी (गोलंबर) का निर्माण किया जाएगा, जिसका दायरा मौजूदा आकार से तीन गुना तक बढ़ाया जाएगा। इससे वाहनों की आवाजाही सुचारु होगी और ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत गोलंबर के चारों ओर चार नई सड़कों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को सीधे और व्यवस्थित रास्ता मिल सके।
इसके साथ ही, दीघा-शेरपुर गंगा पथ एक्सटेंशन का काम भी इसी क्षेत्र से जोड़ा जाएगा। आने वाले समय में नए 6 लेन वाले जेपी सेतु से बसों और ट्रकों जैसे भारी वाहनों का संचालन होगा, जिससे इस क्षेत्र का महत्व और बढ़ जाएगा। ऐसे में ट्रैफिक को संभालने के लिए यह नया गोलंबर बेहद जरूरी माना जा रहा है।
परियोजना का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसके तहत मरीन ड्राइव का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। गंगा किनारे स्थित इस क्षेत्र को हरियाली, लाइटिंग और आकर्षक डिजाइन के जरिए एक खूबसूरत पब्लिक स्पेस के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके। पटना में तेजी से बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़क और पुल निर्माण के कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। दीघा गोलंबर का विस्तार इन्हीं प्रयासों का एक अहम हिस्सा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रोजेक्ट तय समय पर पूरा हो जाता है, तो यह पटना के ट्रैफिक मैनेजमेंट में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। साथ ही, यह क्षेत्र शहर के प्रमुख आकर्षणों में भी शामिल हो सकता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।






