Bihar storm alert : देश में इस बार मार्च का आगाज ही गर्मी और अनिश्चित मौसम के बीच हुआ है। मार्च के पहले सप्ताह से ही राजधानी दिल्ली, पटना, लखनऊ, ग्वालियर, मुंबई, जयपुर, रायपुर और कोलकाता समेत कई शहरों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। देश के मौसम विभाग (IMD) ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अधिकांश मैदानी इलाकों में मार्च के दूसरे सप्ताह तक मौसम में गर्मी का दबाव बना रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में तेज धूप और बढ़ती गर्मी का असर लोगों पर साफ देखा जा रहा है। दिन के समय तापमान अधिक होने के कारण लोगों को बाहर निकलने में दिक्कत हो रही है, वहीं शाम और रात के समय भी उमस और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी में रह रहे लोगों ने बताया कि मार्च के पहले सप्ताह से ही सुबह और दोपहर में धूप असहनीय हो गई है।
वहीं बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में अचानक मौसम बदलने का असर भी देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और मेघगर्जन की चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के अनुसार इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है। इस तरह के मौसम बदलाव के कारण किसानों और आम जनता दोनों के लिए परेशानी बढ़ सकती है। विशेषकर खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतनी होगी।
मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 60 से 72 घंटों के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के कई रंग देखने को मिल सकते हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का असर बना रहेगा। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के साथ ही तेज हवाओं के चलते सड़क और ट्रैफिक पर असर पड़ सकता है। वहीं मैदानी इलाकों में गर्म हवाओं और उमस के बीच अचानक आंधी-बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
पश्चिमी और पूर्वी भारत के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान का खतरा बढ़ गया है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। इन राज्यों में स्कूली बच्चों, कामकाजी लोगों और किसानों को सुरक्षा के प्रति सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च के इस समय में तापमान का बढ़ना और अचानक आंधी-बारिश आना सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि, पिछले सालों की तुलना में इस बार गर्मी का असर जल्दी और तेज दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल मार्च के अंत तक देश के अधिकांश मैदानी इलाकों में गर्मी का दबाव बना रह सकता है, जबकि उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों में दिन के समय बाहर निकलते समय धूप से बचाव के लिए टोपी, छाता और पर्याप्त पानी का सेवन करने की सलाह दी जा रही है। वहीं बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लोगों को अचानक आंधी, तूफान और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
इस बीच मौसम विभाग ने यह भी बताया कि अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के असामान्य परिवर्तन देखे जा सकते हैं। कहीं तेज गर्मी, कहीं उमस भरी गर्म हवाएं, तो कहीं अचानक बारिश और आंधी-तूफान लोगों के जीवन और दिनचर्या को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखें और अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।
इस प्रकार, देश के विभिन्न हिस्सों में मार्च के दूसरे और तीसरे सप्ताह तक मौसम का खेल जारी रहेगा। राजधानी दिल्ली से लेकर पूर्वी भारत के राज्यों तक गर्मी और आंधी-बारिश का संतुलन लोगों की चिंता का कारण बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में मौसम के बदलावों को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को अपनी दिनचर्या में बदलाव करना पड़ सकता है।





