ARWAL: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित होते ही अरवल जिले में खुशी और गर्व का माहौल बन गया। इस वर्ष जिले की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। टॉप-10 की सूची में अरवल की दो छात्राओं सुप्रिया कुमारी और नंदनी कुमारी ने स्थान बनाकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
फखरपुर गांव की रहने वाली सुप्रिया कुमारी ने 483 अंक (96.6 प्रतिशत) प्राप्त कर राज्य में आठवां स्थान हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। सुप्रिया एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता अरविंद कुमार सिंह खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि माता जुली कुमारी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद सुप्रिया ने अपनी पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखी और कठिन परिश्रम के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
उन्होंने अपनी शिक्षा एफ.ए.एम. हाई स्कूल फखरपुर से प्राप्त की। सुप्रिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री नारायण शर्मा एवं शिक्षकों को दिया है।वहीं मोतेपुर बाजार निवासी नंदनी कुमारी ने 481 अंक (96.2 प्रतिशत) प्राप्त कर राज्य में दसवां स्थान हासिल किया है। नंदनी कुर्था हाई स्कूल की छात्रा हैं और उन्होंने भी विपरीत परिस्थितियों में पढ़ाई जारी रखते हुए यह सफलता प्राप्त की है।
उनके पिता अविनाश कुमार रवि एक किराना दुकान चलाते हैं, जबकि माता रूपा कुमारी गृहिणी हैं। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि के बावजूद नंदनी ने अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी। वह अपने ननिहाल कुर्था में रहकर पढ़ाई करती थीं। नंदनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार और विद्यालय के शिक्षकों को दिया है।
दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि से उनके विद्यालयों में खुशी की लहर दौड़ गई है। शिक्षकों ने इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया और कहा कि यह सफलता आने वाली पीढ़ी के छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी। परिणाम घोषित होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया और दोनों छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अरवल की इन बेटियों की सफलता यह साबित करती है कि आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। सुप्रिया और नंदनी ने अपने परिश्रम, समर्पण और दृढ़ संकल्प से यह दिखा दिया कि कठिन परिस्थितियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। उनकी यह उपलब्धि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।



