Mahakumbh प्रयागराज महाकुंभ में बढ़ती भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है. कुंभ क्षेत्र की सड़कें ही नहीं पूरा शहर जाम के दर्द से कराह रहीं हैं. महाकुंभ के दौरान व्यवस्थित व्यवस्था का दावा करने वाला महाकुंभ मेला प्रशासन इसपर अब कोई जवाब नहीं दे पा रही है.
प्रयागराज महाकुंभ प्रशासन का दावा है कि रविवार 9 फरवरी तक महाकुंभ में 41.14 करोड़ से अधिक लोगों ने संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. बावजूद इसके भीड़ का यह आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ रहा है.प्रशासन का दावा है कि सिर्फ रविवार को 1.42 करोड़ ने त्रिवेणी में डुबकी लगाई है.महाकुंभ के अंदर और शहर के बाहर भीड़ अब प्रशासन के हाथ से निकल गया है. भीड़ को नियंत्रिति करने से प्रशासन ने अपने हांथ खड़े कर दिए हैं. सूत्रों का कहना है कि इसके बाद ही सरकार ने शहर के आधे से अधिक फ्लाई ओवर को अर्ध सैनिक बलों के हवाले कर दिया हैं. फिर भी भीड़ संभल नहीं रही है.
चारों तरफ चार पहिया वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. जो कि टस से मस होने का नाम नहीं ले रही हैं. जाम में फंसे लोगों का कहना है कि हम लोग कई घंटे से चौराहे पर जाम में फंसे हैं.लेकिन, पुलिस सहयोग नहीं कर रही है. न तो ट्रैफिक पुलिस रास्ते क्लियर कर रही है. हम लोगों की कोई नहीं सुन रहा है. भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र के अधिकतर पांटून पुल बंद कर दिए गए हैं. इससे और लंबी कतार लग गई है. जाम में फंसे लोग महाकुंभ प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि वे किस ट्रैफिक प्लान को लेकर ट्रैफिक कंट्रोल कर रहे हैं कि जाम खत्म होने के बदले बढ़ता ही जा रहा है. शहर में प्रवेश से 35 किमी पहले तक गाड़ियों की लंबी कतार लगी है. इसको लेकर कई जगह पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच हाथापाई की स्थिति तक बन गई है. सोशल मीडिया में भी महाकुंभ का महाजाम ही सुर्खियां बना हुआ है.





