Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को गांधी मैदान के दक्षिण-पूर्वी छोर पर स्थित कालीदास रंगालय के नए भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रंगालय का सौंदर्यीकरण उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि कलाकार और दर्शक दोनों किसी असुविधा का सामना न करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कालीदास रंगालय न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, और इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करना सरकार की प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराना भवन जर्जर हो चुका था, इसलिए नया भवन और नवीनीकरण आवश्यक था। उन्होंने अधिकारियों से सभागार, ग्रीन रूम, विशाल रंगमंच, प्रकाश और ध्वनि व्यवस्था सहित निर्माण कार्य की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उन्नयन का मुख्य उद्देश्य कलाकारों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें।
सीएम ने आधुनिक लाइटिंग और साउंड सिस्टम के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे प्रस्तुतियों की गुणवत्ता बढ़ेगी और दर्शकों को बेहतर अनुभव मिलेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि सौंदर्यीकरण केवल भवन को आकर्षक बनाने तक सीमित न रहे, बल्कि परिसर को व्यवस्थित, सुविधाजनक और सुसज्जित बनाया जाए। पुराने और जर्जर हिस्सों को हटाकर पूरे परिसर को नए सिरे से संवारा जाएगा, ताकि रंगालय की भव्यता और आकर्षण बढ़ सके।
मुख्यमंत्री ने परिसर में वृक्षारोपण कराने का भी आदेश दिया। उन्होंने कहा कि हरियाली से घिरा वातावरण दर्शकों और कलाकारों दोनों के लिए प्राकृतिक और सकारात्मक अनुभव तैयार करेगा। कालीदास रंगालय, जिसे बिहार आर्ट थियेटर के नाम से भी जाना जाता है, लंबे समय से राज्य में नाटक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रंगालय का उन्नयन राज्य सरकार की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने की नीति का हिस्सा है, जिससे बिहार को राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्र पर मजबूत पहचान मिले।
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।





