Bihar Train: उत्तर भारत में दिसंबर से फरवरी तक घने कोहरे की आशंका को देखते हुए रेलवे ने इस बार यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़े कदम उठाए हैं। पूर्व मध्य रेलवे ने 24 महत्वपूर्ण मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया है, जबकि 28 ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी घटा दी गई है। बिहार–दिल्ली, बिहार–अमृतसर और बिहार–हरियाणा रूट की कई महत्वपूर्ण ट्रेनें इस फैसले से प्रभावित होंगी। रेलवे का कहना है कि कोहरे के कारण ट्रेनों में देरी, लो विजिबिलिटी और परिचालन संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं, इसलिए यह कदम उठाना आवश्यक था।
खासकर प्रयागराज–टूंडला सेक्शन में घने कोहरे की गंभीर चेतावनी के बाद रेलवे ने ट्रेनों की गति और संचालन को लेकर सख्त रणनीति अपनाई है। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्रा ने बताया कि दिसंबर से फरवरी तक कोहरे का सीधा असर ट्रेन संचालन पर पड़ता है। ट्रेनों की दृश्यता कम होने, दुर्घटना के जोखिम बढ़ने और घंटों देरी जैसी समस्याओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी कारण समय रहते ट्रेन रद्द करने व फेरों में कटौती की घोषणा की गई।
घने कोहरे की वजह से जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है, उनमें कई लंबी दूरी की प्रमुख सेवाएं शामिल हैं। बिहार से दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ेगा। रद्द होने वाली प्रमुख ट्रेनों में प्रयागराज–मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस, हावड़ा–देहरादून उपासना एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़–चंडीगढ़ एक्सप्रेस, मालदा टाउन–नई दिल्ली एक्सप्रेस और हटिया–आनंद विहार एक्सप्रेस जैसी सेवाएं शामिल हैं। इन ट्रेनों के रुकने से हजारों यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेनों या अन्य साधनों पर निर्भर रहना होगा।
रद्द ट्रेनों के अलावा रेलवे ने 28 ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी भी कम कर दी है। इनमें ग्वालियर–बरौनी एक्सप्रेस, अजमेर–सीलदह एक्सप्रेस, पाटलिपुत्र–लखनऊ एक्सप्रेस, भागलपुर–आनंद विहार एक्सप्रेस और कोलकाता–अमृतसर एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। फ्रीक्वेंसी में कमी का मतलब है कि ये ट्रेनें रोजाना या तय दिनों पर नहीं चलेंगी। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा पहले से प्लान करनी होगी।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि सर्दियों में घने कोहरे के दौरान कई ट्रेनें घंटों देरी से चलती हैं। ऐसे में यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का अपडेटेड टाइमटेबल जरूर चेक करना चाहिए। रेलवे ने NTES ऐप, 139 सेवा और IRCTC पोर्टल पर लगातार अपडेट उपलब्ध कराने की बात कही है।
सर्दियों में ट्रेन संचालन रेलवे के लिए हर साल सबसे बड़ी चुनौती होती है। लो विजिबिलिटी के कारण सिग्नल देखना मुश्किल होता है, ट्रेनों की स्पीड कम करनी पड़ती है और कई बार स्थानीय परिचालन को रोका भी जाता है। रेलवे का कहना है कि कोहरे के चलते दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है और पीक विंटर में ट्रेनों को रद्द करना सुरक्षा के लिहाज से सबसे उपयुक्त विकल्प है। इस बार रेलवे ने पहले से तैयारी कर यात्रियों को समय रहते जानकारी देने का काम किया ताकि उन्हें वैकल्पिक विकल्प चुनने में सुविधा मिल सके।





