PATNA: पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र में ट्रक से धान ले जा रहे व्यक्ति के कथित किडनैपिंग और लूट की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि यह किसी बाहरी अपराधियों की करतूत नहीं, बल्कि पीड़ित द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर रची गई फर्जी साजिश थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डीएसपी विनय सालुकर के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, विभिन्न पहलुओं और गहन पूछताछ के आधार पर मामले की परतें खोलीं। जांच में पता चला कि मंटू कुमार नामक व्यक्ति ने अपने दो दोस्तों नीतीश कुमार और रितेश कुमार के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार, मंटू कुमार ट्रांसपोर्ट का काम करता है और संबंधित ट्रक उसी का है, जिसे उसने लोन पर लिया था। समय पर ईएमआई का भुगतान न कर पाने के कारण वह आर्थिक दबाव में था। पैसों के लालच में आकर उसने धान की खेप को अवैध रूप से बेचने की योजना बनाई और किडनैपिंग व लूट की झूठी कहानी गढ़ दी।
योजना के तहत तीनों ने पहले धान को एक व्यापारी को बेच दिया और इसके बाद थाने में अज्ञात अपराधियों द्वारा हथियार के बल पर किडनैप कर ट्रक लूट लिए जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई। हालांकि पुलिस की सख्त पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। मंटू कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने ट्रक को एक स्थान से बरामद कर लिया। साथ ही 563 बोरा धान भी बरामद किया गया, जिसे पहले ही एक व्यापारी को बेच दिया गया था। पुलिस के संपर्क में आने पर व्यापारी ने पूरा धान लौटा दिया और उसे मामले में गवाह बनाया जा रहा है।
पुलिस ने इस मामले में 29,550 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। धान की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। व्यापारी के अनुसार, करीब 5 लाख 21 हजार रुपये में सौदा हुआ था, जिसमें से 1 लाख रुपये नकद दिए गए थे, जबकि शेष राशि धान बिक्री के बाद ऑनलाइन ट्रांसफर होनी थी। अब तक इस मामले में तीन आरोपियों में से दो—मंटू कुमार और नीतीश कुमार—को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरी साजिश नीतीश कुमार ने रची थी, जबकि तीसरा आरोपी रितेश कुमार फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है। वही पुलिस ने दावा किया है कि मामले का पूरी तरह उद्भेदन कर लिया गया है और लूट से संबंधित सारा सामान बरामद कर लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पटना से सूरज की रिपोर्ट



