1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 02, 2026, 8:31:15 AM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Ebola Virus Alert Bihar: दुनिया के कई देशों में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए बिहार का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। राजधानी पटना से जारी सख्त गाइडलाइन के बाद सभी जिलों में स्वास्थ्य प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
इसी क्रम में जमुई जिले के स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल में 10 बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किया है, ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। स्वास्थ्य विभाग की सबसे ज्यादा निगरानी विदेश से लौटने वाले यात्रियों पर रखी जा रही है।
जमुई के जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. शमीम अख्तर ने बताया कि पटना स्वास्थ्य मुख्यालय के निर्देशों के बाद सदर अस्पताल में इबोला संदिग्ध मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल बिहार या जमुई में इबोला का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।
यदि एयरपोर्ट या बंदरगाह पर किसी यात्री में संदिग्ध लक्षण पाए जाते हैं, तो उसे तुरंत आइसोलेशन में रखा जाएगा और जांच के लिए सैंपल राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी), पुणे भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार विदेश से आने वाले यात्रियों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
पहली श्रेणी: बिना लक्षण वाले यात्री, जो प्रभावित देशों से लौटे हैं। इन्हें 21 दिनों तक स्वयं स्वास्थ्य की निगरानी करनी होगी। दूसरी श्रेणी: वे लोग जो संक्रमित व्यक्ति या मृतक के संपर्क में आए हैं, उन्हें तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी को सूचित करना होगा। तीसरी श्रेणी: एयरपोर्ट या बंदरगाह पर ही संदिग्ध लक्षण वाले यात्रियों को तुरंत आइसोलेशन वार्ड में भेजा जाएगा।
डॉ. शमीम अख्तर के अनुसार, इबोला के लक्षण संक्रमण के 2 से 21 दिनों के भीतर प्रकट हो सकते हैं। शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, बदन दर्द और गले में खराश शामिल हैं। गंभीर स्थिति में उल्टी, दस्त और त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं।
विदेश से आने वाले सभी यात्रियों के लिए 21 दिनों का होम क्वारंटाइन अनिवार्य किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मामले की तुरंत सूचना प्रशासन को दें ताकि समय रहते रोकथाम की जा सके।