Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए एक अहम कदम उठाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी राजनीतिक दल का कोई नेता महिला उम्मीदवार या महिला मतदाता के खिलाफ अभद्र या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करता है, तो आयोग स्वतः संज्ञान लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा। इस संबंध में राज्य महिला आयोग ने एक औपचारिक पत्र राज्य निर्वाचन आयोग को भेजकर आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।
राज्य महिला आयोग ने न केवल निर्वाचन आयोग को इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की अपील की है, बल्कि सभी जिलाधिकारियों (DMs) को भी इस संबंध में जानकारी देने का आग्रह किया है, ताकि जमीनी स्तर पर इस दिशा-निर्देश का प्रभावी पालन हो सके। महिला आयोग ने आम महिलाओं से भी अनुरोध किया है कि अगर किसी पार्टी का पुरुष या महिला उम्मीदवार किसी महिला के प्रति अपमानजनक टिप्पणी, गाली, या भेदभावपूर्ण भाषा का प्रयोग करता है, तो वे तुरंत इसकी सूचना आयोग को दें। महिला आयोग की वेबसाइट पर आयोग की अध्यक्ष और सभी सदस्यों के मोबाइल नंबर साझा किए गए हैं, ताकि महिलाएं सीधे संपर्क कर सकें और अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
महिला आयोग अब चुनाव के दौरान जागरूकता अभियान भी शुरू करने जा रहा है। अक्टूबर के पहले सप्ताह से ‘महिला आयोग आपके संस्थान तक’ नामक एक विशेष कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जिसके तहत राजधानी पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों के कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में महिला आयोग की टीम जाएगी। टीम छात्राओं से संवाद करेगी, उनकी समस्याओं को सुनेगी और चुनावी प्रक्रिया के दौरान महिलाओं के साथ किसी भी तरह की अमानवीय टिप्पणी या अभद्रता की जानकारी एकत्र करेगी।
राज्य महिला आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें महिला उम्मीदवार के व्यक्तिगत जीवन पर किसी भी प्रकार की आलोचना नहीं होनी चाहिए। धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर किसी भी तरह की टिप्पणी वर्जित है। महिला उम्मीदवार के परिवार या रिश्तेदारों पर अपमानजनक टिप्पणी या गाली-गलौज की अनुमति नहीं होगी। महिला के शैक्षणिक या कार्यक्षेत्र को लेकर भी अपमानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा रेड्डी ने कहा कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण समय में महिलाओं की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, अगर कोई प्रत्याशी महिला पर अभद्र भाषा का प्रयोग करता है, तो हम स्वत: संज्ञान लेंगे और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सभी राजनीतिक दलों को इसकी जानकारी दी गई है, ताकि वे अपने उम्मीदवारों को सावधान करें।
राज्य महिला आयोग की यह पहल न केवल चुनावी मर्यादाओं को बनाए रखने की दिशा में एक सराहनीय कदम है, बल्कि यह महिलाओं की भागीदारी और आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा। आने वाले चुनावों में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि महिला उम्मीदवारों और मतदाताओं का सम्मान बना रहे और किसी भी तरह की गाली-गलौज, ट्रोलिंग या बदजुबानी पर सख्त कार्रवाई हो।





