Bihar Weather: बिहार में इन दिनों बारिश का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा। कई दिनों की लगातार बारिश के बाद अब सोमवार को पटना से लेकर सूबे के 34 जिलों में आसमान पर बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं हल्की तो कहीं भारी बौछारें पड़ रही हैं। सुपौल, अररिया और किशनगंज में तो हालात इतने गंभीर हैं कि मौसम विभाग ने वहां अति भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी कर दिया है। मधुबनी, पूर्णिया और कटिहार में भी कुछ जगहों पर जोरदार बारिश की आशंका है। पटना में सुबह से काले बादल मंडरा रहे हैं, और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक के बीच हल्की फुहारें गिर रही हैं। सड़कें गीली हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग के निदेशक आशीष कुमार ने बताया है कि उत्तर बिहार के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण अभी भी सक्रिय है, भले ही निम्न दबाव का क्षेत्र कमजोर हो गया हो। पिछले 24 घंटों में सुपौल के सरायगढ़ भपटियाही में 385 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, यह बिहार में सबसे ज्यादा है। रविवार को पटना और अन्य जिलों में बारिश कम हुई थी, लेकिन तापमान सामान्य से ऊपर चला गया। सासाराम में पारा 31.8 डिग्री तक पहुंचा, जबकि गया, छपरा और मुजफ्फरपुर में तापमान थोड़ा नीचे आया। फिलहाल नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में बाढ़ का डर सता रहा है।
पटना में उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन बारिश ने रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। स्कूल बंद हैं और किसानों की फसलें डूब रही हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 8 अक्टूबर से बारिश में कमी आएगी और मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। अगले 24 घंटों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। मध्य अक्टूबर तक मानसून बिहार से विदा ले सकता है। तब तक लोगों को सलाह है कि जरूरी न हो तो बाहर कम निकलें और मौसम अलर्ट पर नजर रखें।



