Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण का मुद्दा सुलझने की बजाय और उलझते जा रहा है. शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर तीन विकल्प मांगे थे. जब स्थानांतरण किया गया तो किसी चौथी जगह पर पोस्टिंग कर दी गई. यानि शिक्षकों के स्थानांतरण को और उलझा दिया गया. आज बिहार विधान परिषद में यह मुद्दा उठा. भाजपा विधान पार्षद संजय मयूख ने सूचना पर खड़े होकर इस विषय को उठाया.
विधान परिषद में उठा मुद्दा
संजय मयूख ने शिक्षकों के स्थानांतरण नीति पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने आज बिहार विधान परिषद में सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे को सदन में उठाया है. शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर पहले तीन-तीन विकल्प मांगे गए थे. लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं की गई. जिसने विकल्प के तौर पर गोपालगंज दिया, उसे कटिहार भेज दिया गया. संजय मयूख ने कहा कि उन्होंने आज सदन में सूचना पर खड़े होकर शिक्षकों के स्थानांतरण का मुद्दा उठाया है.
जब करना ही नहीं था तो विकल्प क्यों मांगे गए ?
भाजपा विधान पार्षद ने आगे कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में महिलाएं शिक्षक बनी हैं. जिन्हें परेशानी हो रही है. बड़ी संख्या में मरीज हैं, जिन पर सरकार को सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए. कई शिक्षक कैंसर पेशेंट हैं, जिनका जिला मुख्यालय में पोस्टिंग होना चाहिए था,उन्हें गांव में भेज दिया गया. अगर ऑप्शन मांगा गया है तो उसी अनुसार से पोस्टिंग होनी चाहिए. अगर नहीं करना था तो विकल्प क्यों मांगे गए थे. यह गंभीर सवाल है.





